×

बिहार में राज्यसभा चुनाव: चिराग पासवान का बड़ा दावा, एनडीए सभी सीटें जीतेगा!

बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। चिराग पासवान ने एनडीए की जीत का दावा किया है, जबकि तेजस्वी यादव के चुनाव लड़ने की अटकलें भी चल रही हैं। जानें इस राजनीतिक हलचल के पीछे की कहानी और क्या है पांचवीं सीट का मुकाबला।
 

राज्यसभा चुनाव की तैयारी


पटना: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव की तैयारियों में तेजी आई है। मतदान 16 मार्च को होगा, लेकिन अभी तक सत्ताधारी और विपक्षी दलों ने अपने उम्मीदवारों के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं और कई नामों पर चर्चा हो रही है। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।


उम्मीदवारों की संभावनाएँ

एनडीए से जदयू के रामनाथ ठाकुर और भाजपा के पवन सिंह जैसे नाम सामने आ रहे हैं। वहीं, राजद के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा में जाने की अटकलें भी तेज हैं। बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं, जिनमें एनडीए के पास लगभग 202 विधायक हैं, जिसमें भाजपा के 89, जदयू के 85, लोजपा (रामविलास) के 19 और अन्य छोटे दल शामिल हैं। महागठबंधन के पास केवल 35 विधायक हैं।


राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 वोटों की आवश्यकता होती है। संख्या के आधार पर एनडीए की चार सीटें लगभग सुनिश्चित मानी जा रही हैं, लेकिन पांचवीं सीट पर स्थिति जटिल है। एनडीए को इसके लिए तीन अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी, जबकि महागठबंधन को छह और वोटों की जरूरत है।


चिराग पासवान का बयान

होली के अवसर पर लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पार्टी विधायकों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि एनडीए बिहार की सभी पांच राज्यसभा सीटों पर जीत हासिल करेगा। चिराग ने कहा, "एनडीए के उम्मीदवार ही जीतेंगे, चाहे वे किसी भी दल से हों। हम पूरी ताकत से समर्थन देंगे।"


इस दौरान, उन्होंने होली की शुभकामनाएं देते हुए राजद परिवार को याद किया। चिराग ने कहा, "लालू जी, राबड़ी जी और मेरी सभी बहनों को होली की बधाई।" लेकिन तेजस्वी यादव के राज्यसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर चुटकी लेते हुए बोले, "तेजस्वी जी चाहें तो चुनाव लड़ लें, लेकिन उनकी हार तय है। विधानसभा चुनाव की तरह यहां भी नतीजा वही होगा।"


पांचवीं सीट का मुकाबला

पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। महागठबंधन यदि एआईएमआईएम के 5 विधायकों, बसपा के 1 और अन्य निर्दलीय या छोटे दलों के वोट जुटा लेता है, तो संभव है, लेकिन एनडीए की मजबूत एकजुटता और संख्या बल के कारण चिराग पासवान का दावा मजबूत प्रतीत हो रहा है।