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बिहार में शिक्षा प्रणाली में बदलाव: मुख्यमंत्री ने की नई पहलों की घोषणा

बिहार सरकार ने शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षक सम्मान समारोह में परीक्षा परिणामों की त्वरित घोषणा, नए विश्वविद्यालय की स्थापना, और शिक्षा पलायन रोकने के उपायों का विवरण दिया। जानें इन पहलों का छात्रों और शिक्षकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
 

मुख्यमंत्री का संबोधन

पटना: बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परीक्षा प्रणाली में आवश्यक बदलावों और शिक्षकों के कल्याण के लिए नई योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी समेत कई अन्य वरिष्ठ मंत्री भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब मैट्रिक परीक्षा का परिणाम परीक्षा के सात दिनों के भीतर जारी किया जाएगा, जिससे छात्रों का समय बचेगा और वे अपनी आगे की पढ़ाई समय पर शुरू कर सकेंगे।


शिक्षकों के लिए नया विश्वविद्यालय

7 लाख शिक्षकों के लिए अलग विश्वविद्यालय

राज्य में लगभग 7 लाख शिक्षकों की कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए एक विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जो केवल शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसके साथ ही, तबादला नीति को सरल बनाया गया है। नई नीति के अनुसार, महिला शिक्षकों को उनकी इच्छा पर नजदीकी पंचायत में स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि पुरुष शिक्षक भी अपने वर्तमान स्थान के आस-पास की पंचायत या प्रखंड में स्थानांतरण ले सकेंगे।


इंजीनियरिंग परीक्षाओं के परिणाम

24 घंटे में इंजीनियरिंग रिजल्ट

तकनीकी शिक्षा में देरी को समाप्त करने के लिए, मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक परीक्षाओं के परिणाम अब 24 घंटे के भीतर जारी किए जाएंगे। यदि कोई छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो उसे 15 दिनों के भीतर परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता पटना उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश करेंगे। इसके अलावा, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को निर्देश दिया गया है कि वे कॉपियों के मूल्यांकन को विकेंद्रीकृत करें और केंद्र के अनुसार परिणाम जारी करें।


शिक्षा पलायन रोकने के उपाय

शिक्षा पलायन पर रोक

बिहार से युवाओं के उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में पलायन को रोकने के लिए चार नई निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की अनुमति दी गई है। इस समारोह में मुख्यमंत्री ने मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को आश्वासन दिया कि उनका लंबित वेतन इस सितंबर में जारी किया जाएगा। इसके अलावा, वित्त रहित शिक्षकों के लिए एक नया सम्मानजनक वेतनमान तय किया जाएगा। बीपीएससी के माध्यम से 33 हजार से अधिक नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है, और शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।