बीजेपी का मिशन 2027: उत्तर प्रदेश में पदयात्राओं के जरिए बढ़ाएगी ताकत
बीजेपी की तैयारी: उत्तर प्रदेश में सत्ता की हैट्रिक
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में सत्ता में तीसरी बार वापसी के लिए बीजेपी ने अपनी रणनीति को मजबूत करना शुरू कर दिया है। आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान का खाका तैयार किया गया है। इस योजना के तहत 3 नवंबर से राज्य के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी के प्रमुख नेता गाजियाबाद से लेकर गोरखपुर तक सड़कों पर उतरेंगे।
कौन करेगा नेतृत्व?
इस अभियान की शुरुआत 3 नवंबर से होगी। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा बरेली में ब्रज क्षेत्र की पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे, उनके साथ प्रदेश मंत्री यातेंद्र शर्मा भी होंगे। 4 नवंबर को दो महत्वपूर्ण पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान लखनऊ में अवध क्षेत्र की यात्रा का नेतृत्व करेंगे, जबकि गोरखपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी मोर्चा संभालेंगे। इसी दिन प्रयागराज में काशी क्षेत्र की यात्रा में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और कानपुर क्षेत्र में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक शामिल होंगे। 5 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद गाजियाबाद में पदयात्रा करेंगे।
35 हजार कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाने का लक्ष्य
बीजेपी ने हर पदयात्रा में 30 से 35 हजार कार्यकर्ताओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि यह केवल पदयात्रा नहीं है, बल्कि बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की एक पहल है। कार्यकर्ता हाथों में स्लोगन वाले बैनर लेकर चलेंगे और यात्रा की पूरी निगरानी की जाएगी। पार्टी ने सभी प्रमुख नेताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में रात बिताएं और जनता से सीधा संवाद करें।
बूथ और युवा पर ध्यान केंद्रित
बीजेपी की मुख्य रणनीति बूथ प्रबंधन पर केंद्रित है। पार्टी का मंत्र है 'हमारा बूथ और बूथ के मतदाता'। इसके तहत 1,918 मंडलों में 25-25 सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम बनाई जाएगी और हर बूथ पर 5 कार्यकर्ताओं की तैनाती की जाएगी। मतदाता सूची की सत्यापन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही युवा और महिला मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 18 से 21 साल के युवाओं को जोड़ने के लिए प्रदेश में 200 स्थानों पर युवा सम्मेलन और हर मंडल में नवमतदाता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। महिला मोर्चा घर-घर जाकर सरकारी योजनाओं का प्रचार करेगा।
किसानों के लिए किसान चौपाल और सहभोज, व्यापारियों के लिए अलग से संपर्क अभियान चलाया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही नाम 'लोकतंत्र बचाओ' है, लेकिन असल में यह 2027 के लिए बीजेपी का प्रारंभिक शंखनाद है।