भगवंत सिंह मान का सख्त संदेश: सिख धर्म में राजनीति का कोई स्थान नहीं
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बयान
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक बार फिर स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है। उन्होंने बताया कि पंजाब विधानसभा के स्पीकर, मंत्री और विधायक सोमवार को वहां उपस्थित होकर राज्य सरकार का पक्ष रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के सभी आदेशों का पालन श्रद्धा और निष्ठा के साथ किया जाएगा।
सीएम मान ने उठाए गंभीर मुद्दे
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार एक व्यक्ति द्वारा बनाई गई फर्जी वीडियो से संबंधित सभी जानकारी श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस मुद्दे को धार्मिक रंग देकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति और धर्म को कभी भी एक साथ नहीं लाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की अपील की।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ मीडिया से बातचीत में कहा, "श्री अकाल तख्त साहिब हर सिख के लिए आस्था का केंद्र है। वहां से जारी हर आदेश का पालन किया जाएगा। हमारे सभी मंत्री और विधायक, जिन्हें तख्त साहिब ने बुलाया है, वहां उपस्थित होंगे और सरकार का पक्ष रखेंगे।"
धार्मिक मामलों में राजनीति का विरोध
मुख्यमंत्री ने कहा, "मेरे लिए श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है। वहां से मिले हर आदेश का पालन किया जाएगा। तख्त साहिब का आदेश मेरे लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि जब राजनीतिक लोग अपने स्वार्थ के लिए एकतरफा निर्णय लेते हैं, तो सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा, "शिरोमणि कमेटी ने मेरे सामाजिक बहिष्कार के पोस्टर लगाने का आदेश दिया है, लेकिन कभी सुखबीर बादल के खिलाफ ऐसा क्यों नहीं किया गया?" मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2 दिसंबर को सुखबीर बादल ने अपनी गलतियों को स्वीकार किया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई पोस्टर नहीं लगाए गए।
जनसमर्थन पर विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा, "जब मैं गांवों और जनसभाओं में जाता हूं, तो मुझे भारी जनसमर्थन मिलता है। विपक्षी दल इसे सहन नहीं कर पा रहे हैं और निराधार आरोप लगा रहे हैं। पंजाब के लोग ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।"
उन्होंने कहा, "भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल मुझे धार्मिक रूप से बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि मैं केवल विकास और लोगों के हित में काम कर रहा हूं।"
महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा 70 वर्ष पुराने "नांदेड़ सिख गुरुद्वारा सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब अधिनियम, 1956" को निरस्त करने के निर्णय पर कहा, "महाराष्ट्र सरकार को सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। राजनीति और धर्म को अलग रखना चाहिए।"