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भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: कोलकाता से गुवाहाटी के बीच शुरू होगी सेवा

भारतीय रेलवे ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रूट की घोषणा की है, जो कोलकाता और गुवाहाटी के बीच चलेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह ट्रेन यात्रियों को रात में यात्रा करने के लिए स्लीपर सुविधा प्रदान करेगी। किराया किलोमीटर के हिसाब से तय किया जाएगा, और यह अन्य प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में प्रतिस्पर्धी रहेगा। ट्रेन का हाई-स्पीड ट्रायल सफल रहा है, और इसमें आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा तकनीक शामिल हैं। अगले छह महीनों में आठ नई स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी।
 

नई दिल्ली में ऐतिहासिक घोषणा


नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों को एक नई और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के मार्ग की आधिकारिक घोषणा की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह ट्रेन कोलकाता और गुवाहाटी के बीच चलाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस ऐतिहासिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाने वाले हैं।


स्लीपर वंदे भारत का रूट

किस रूट पर चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारत?


रेल मंत्री ने बताया कि यह वंदे भारत ट्रेन पहली बार स्लीपर सुविधा के साथ उपलब्ध होगी, जबकि पहले की वंदे भारत ट्रेनें केवल चेयर कार श्रेणी में चलती थीं। कोलकाता और गुवाहाटी जैसे लंबे रूट पर स्लीपर ट्रेन का परिचालन पूर्वोत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।


किराया और सुविधाएं

किराया दूरी के आधार पर तय


वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया किलोमीटर के हिसाब से निर्धारित किया गया है। फर्स्ट एसी श्रेणी में यात्रियों को प्रति किलोमीटर 3 रुपये 80 पैसे का भुगतान करना होगा। यह किराया अन्य प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में प्रतिस्पर्धी रहने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाओं के साथ उचित मूल्य पर यात्रा का विकल्प मिलेगा।


हाई-स्पीड ट्रायल सफल

हाई-स्पीड ट्रायल रहा सफल


हाल ही में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह परीक्षण कोटा–नागदा सेक्शन पर किया गया, जहां ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति प्राप्त की। यह ट्रायल रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की निगरानी में किया गया था।


तकनीकी परीक्षणों में सफलता

तकनीकी परीक्षणों में खरा उतरा प्रदर्शन


ट्रायल के दौरान ट्रेन की राइड क्वालिटी, कंपन, ब्रेकिंग सिस्टम, इमरजेंसी ब्रेक, सुरक्षा तंत्र और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। सभी मानकों पर ट्रेन का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया, जिसके बाद CRS ने इसे सफल घोषित किया।


सोशल मीडिया पर तकनीक का प्रदर्शन

सोशल मीडिया पर दिखी तकनीक की झलक


रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाई-स्पीड ट्रायल का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में यह देखा गया कि तेज रफ्तार के बावजूद पानी से भरे गिलास स्थिर रहे और पानी नहीं छलका, जो ट्रेन की बेहतरीन स्थिरता और उन्नत तकनीक का प्रदर्शन करता है।


यात्रियों के लिए सुविधाएं

यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं


वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इनमें आरामदायक स्लीपर बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे, आधुनिक शौचालय, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, फायर डिटेक्शन सिस्टम और ऊर्जा बचाने वाली तकनीक शामिल हैं।


सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक

सुरक्षा के लिहाज से भी अत्याधुनिक


ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली, झटके रहित सेमी-परमानेंट कपलर, फायर बैरियर दरवाजे, रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम और आपात स्थिति में इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष शौचालय और सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम भी इसमें उपलब्ध हैं।


सेवा की शुरुआत

जल्द शुरू होगी सेवा


रेल मंत्री ने बताया कि अगले छह महीनों में आठ वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि साल के अंत तक कुल 12 नई स्लीपर ट्रेनें तैयार हो जाएंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोलकाता–गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जनवरी में ही शुरू होगी। अंतिम उद्घाटन तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा और 15–20 दिनों के भीतर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।