☰
×

भारतीय रेलवे की सुरक्षा पहल: उत्तर रेलवे ने आयोजित किए सुरक्षा एवं गुणवत्ता सुधार शिविर

उत्तर रेलवे ने फिरोजपुर और अंबाला मंडलों में सुरक्षा एवं गुणवत्ता सुधार शिविरों का आयोजन किया, जिसमें रेलकर्मियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों और गुणवत्ता मानकों के बारे में जानकारी दी गई। इन शिविरों का उद्देश्य रेल विकास की गति को तेज करना और सुरक्षा के मानकों को बनाए रखना है। जालंधर और अंबाला में आयोजित इन शिविरों में कुल 254 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और सावधानी बरतने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
 

नई दिल्ली में सुरक्षा का नया अध्याय


नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने सुरक्षा को प्राथमिकता देने के अपने संकल्प को और मजबूत करते हुए उत्तर रेलवे ने फिरोजपुर और अंबाला मंडलों में सुरक्षा एवं गुणवत्ता सुधार शिविरों का आयोजन किया। इन शिविरों में रेलकर्मियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों के बारे में जानकारी दी गई और रेलवे के बुनियादी ढांचे के उन्नयन में गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि रेल विकास की गति तेज हो, लेकिन सुरक्षा के मामले में कोई समझौता न हो।


उत्तर रेलवे के शिविरों का महत्व

उत्तर रेलवे के ये शिविर रेलवे सुरक्षा तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विशेष रूप से 2×25 किलोवोल्ट उन्नयन कार्यों के दौरान सुरक्षित तरीके से कार्य करने, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।


जालंधर में 123 रेलकर्मियों ने लिया प्रशिक्षण

जालंधर में आयोजित शिविर: फिरोजपुर मंडल द्वारा जालंधर में आयोजित सुरक्षा एवं गुणवत्ता सुधार शिविर में कुल 123 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें रेलवे कर्मचारियों, परियोजना इकाई के कर्मचारियों, विद्युत आपूर्ति से जुड़े कर्मचारियों और परियोजना अधिकारियों ने हिस्सा लिया। शिविर में सुरक्षित कार्य पद्धतियों और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।


अंबाला में 131 प्रतिभागियों ने सीखे सुरक्षा के उपाय

अंबाला में आयोजित शिविर: अंबाला में दिल्ली जंक्शन-अंबाला छावनी और सानेहवाल-सहारनपुर रेलखंड पर ऊपरी विद्युत उपकरणों के उन्नयन से संबंधित सुरक्षा एवं गुणवत्ता सुधार शिविर में 131 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें 119 रेलकर्मियों और 12 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। शिविर के दौरान कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य प्रणाली और गुणवत्ता नियंत्रण के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।


सुरक्षा का कड़ा पहरा

भारी मशीनरी का संचालन: दोनों शिविरों में रेलवे पटरियों के आसपास क्रेन, जेसीबी और खुदाई करने वाली मशीनों के संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। कर्मचारियों को बताया गया कि कार्य के दौरान रेलवे लाइन, सिग्नल प्रणाली और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।


गुणवत्ता की कसौटी

शिविर में प्रशिक्षण: शिविर के विभिन्न सत्रों में बुनियाद की ढलाई, मस्तूल निर्माण, विद्युत आपूर्ति तार लगाने और भूमिगत अर्थिंग चालक बिछाने के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा और गुणवत्ता संबंधी सावधानियों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।


आपात स्थिति में सुरक्षा उपाय

प्रतिकूल मौसम में कार्य: प्रशिक्षण में प्रतिकूल मौसम के दौरान कार्य करने से जुड़े सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई। कर्मचारियों को बताया गया कि आपात स्थिति में तत्परता जान-माल की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


सुरक्षा और गुणवत्ता का महत्व

उत्तर रेलवे का संदेश: उत्तर रेलवे के इन शिविरों का उद्देश्य रेल बुनियादी ढांचे के उन्नयन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से आगे बढ़ाना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।