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भोपाल में स्नूकर क्लब में छात्र पर चाकू से जानलेवा हमला

भोपाल में एक स्नूकर क्लब में 10वीं कक्षा के छात्र पर दो नाबालिगों ने 30 सेकंड में 27 बार चाकू से हमला किया। इस घटना ने पूरे शहर में दहशत फैला दी है। हमलावरों ने खुद ही घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर साझा किया। छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है और अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने इस मामले में शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। जानें इस खौफनाक घटना के पीछे का सच और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

भोपाल में खौफनाक घटना

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के एक स्नूकर क्लब में 10वीं कक्षा के एक छात्र पर दो नाबालिगों ने महज 30 सेकंड के भीतर 27 बार चाकू से हमला किया। इस घटना के बाद आरोपियों ने खुद ही इसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिससे पूरे शहर में दहशत फैल गई है।


फिल्मी अंदाज में हमला

सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि हमलावर बिल्कुल फिल्मी अंदाज में स्नूकर क्लब में प्रवेश करते हैं। इसके बाद, वे 10वीं के छात्र को चारों ओर से घेर लेते हैं और बिना किसी रुकावट के उस पर चाकू और खंजर से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर देते हैं। वारदात के बाद, हमलावर उतनी ही तेजी से वहां से भाग जाते हैं।


गंभीर चोटें और अस्पताल में भर्ती

शरीर पर गहरे घाव: इस हमले में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसकी एक कलाई पर 10 से अधिक गहरे कट लगे हैं, और बचाव के प्रयास में दूसरी हाथ की दो उंगलियां भी कट गई हैं। छात्र के कंधे और पीठ पर भी गहरे घाव हैं। इतनी गंभीर चोटों के बावजूद, वह किसी तरह वहां से भागने में सफल रहा और अब अस्पताल में भर्ती है। यह घटना 15 फरवरी की रात को गणेश चौक स्थित क्लब में हुई थी।


पुराने विवाद का बदला

पूल गेम के विवाद का परिणाम: पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घायल छात्र गौतम नगर थाना क्षेत्र का निवासी है और वह अक्सर इस स्नूकर क्लब में आता था। हमलावर भी 16 साल के हैं और पीड़ित के कोचिंग सेंटर के छात्र हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस हमले का मुख्य कारण एक पुराना विवाद था, जो पूल गेम के दौरान उत्पन्न हुआ था।


पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

कानून-व्यवस्था पर चिंता: इस घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने शुरुआत में केवल साधारण मारपीट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। बाद में, दोनों नाबालिग आरोपियों को महज एक नोटिस देकर रिहा कर दिया गया। मामले के बढ़ने पर सब-इंस्पेक्टर ने कहा कि अब मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी।