मथुरा में लव जिहाद का मामला: 14 साल बाद युवती ने मांगी न्याय की गुहार
मथुरा में लव जिहाद का मामला
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक लव जिहाद का मामला सामने आया है, जिसमें एक युवती 14 वर्षों तक अपहरण और शोषण का शिकार रही। अब वह अपने परिवार के पास लौट आई है और उसने पुलिस से न्याय की मांग की है। इस घटना ने लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर फिर से चर्चा को जन्म दिया है।
क्लास जाते समय अपहरण की घटना
यह मामला 2012 का है, जब युवती मथुरा के एक इंस्टीट्यूट में ऑटोमेट्री कोर्स कर रही थी। क्लास के लिए जाते समय उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने खुद को हिंदू बताया और धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाई। अंततः उसने युवती का अपहरण कर लिया। युवती के परिवार ने गोविंद नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन कई वर्षों तक कोई सुराग नहीं मिला।
बिहार में जबरन धर्म परिवर्तन
अपहरण के बाद, युवक ने युवती को बिहार ले जाकर जबरन उसका धर्म परिवर्तन कराया। उसने युवती के गले में पहने भगवान राम के लॉकेट को तोड़कर फेंक दिया। आरोप है कि उसे जबरन गोमांस खिलाया गया और शारीरिक तथा मानसिक यातनाएं दी गईं। युवक उसे देह व्यापार में धकेलने की कोशिश कर रहा था, जिससे युवती लंबे समय तक डर और दबाव में जीती रही।
फेसबुक से मिली सहायता
कई वर्षों बाद, युवती ने हिम्मत जुटाकर फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से संपर्क किया। महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन परमार और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एपी सिंह ने उसकी मदद की। उनके प्रयासों से युवती को सुरक्षित निकाला गया और मथुरा लाया गया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन सोशल मीडिया की ताकत का एक उदाहरण है।
हिंदू धर्म में वापसी की इच्छा
घर लौटने के बाद, युवती ने हिंदू धर्म में वापस आने की इच्छा व्यक्त की है। वह अपने परिवार के साथ रहना चाहती है और कहती है कि उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है।
यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि युवतियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। परिवार और समाज को जागरूक रहना होगा ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों। पुलिस से उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को सजा मिलेगी।