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मथुरा में साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला: जानें कैसे बचें ठगी से

मथुरा में आयोजित एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला में एक हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन ने साइबर ठगी के नए तरीकों और डिजिटल लेनदेन के दौरान सुरक्षा उपायों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे ठग फर्जी लिंक और संदेशों के माध्यम से लोगों को ठगते हैं। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों और विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को ठगी से बचने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जानें इस कार्यशाला में क्या-क्या हुआ और कैसे आप भी साइबर ठगी से बच सकते हैं।
 

साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की पहल


मथुरा: साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं के बीच, डिजिटल लेनदेन में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसी संदर्भ में, मंगलवार को डेंपियर नगर के पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों, वकीलों, व्यापारियों, छात्रों और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े एक हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया और साइबर अपराधों से बचने के उपाय सीखे।


डॉ. रक्षित टंडन का व्याख्यान


इस कार्यशाला की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन एसके भगत ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन ने प्रतिभागियों को साइबर ठगी के नए तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ठग विभिन्न फर्जी लिंक, कॉल, संदेश, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल भुगतान के माध्यम से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण बचाव है।


डिजिटल सुरक्षा के उपाय


डॉ. टंडन ने सलाह दी कि डिजिटल लेनदेन के दौरान ओटीपी, पासवर्ड, बैंक से संबंधित जानकारी और अन्य गोपनीय विवरण किसी के साथ साझा नहीं करने चाहिए। इसके अलावा, अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एप्लिकेशन डाउनलोड करने और लालच भरे संदेशों के झांसे में आने से बचने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि साइबर अपराध होता है, तो तुरंत शिकायत करना आवश्यक है ताकि रकम को फ्रीज करने और उचित कार्रवाई की संभावना बढ़ सके।


कार्यशाला में उपस्थित लोग


इस कार्यशाला में डीआईजी शैलेश कुमार पांडे, एसएसपी श्लोक कुमार, जनपद न्यायाधीश विकास कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अभियोजन अधिकारी, थानों के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। व्यापार मंडल और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के सवालों के उत्तर देकर डिजिटल सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय साझा किए।