मनोज जरांगे की चेतावनी: मराठा समाज सरकार को घुटनों पर लाएगा
मराठा आंदोलन का नया मोड़
मुंबई: मराठा आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे ने स्पष्ट किया है कि मराठा समाज मुंबई की ओर बढ़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हम सरकार को मजबूर कर देंगे। जरांगे ने मराठा समुदाय से अपील की कि हमें संघर्ष करना है, लेकिन आत्महत्या का कोई कदम न उठाएं।
सरकार की अनदेखी पर नाराजगी
जरांगे ने कहा कि यदि मराठा समाज के लोग आत्महत्या करते हैं, तो सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मराठों की जान ली है और इसका प्रतिशोध लिया जाएगा।
संघर्ष की अपील
उन्होंने कहा, "मैं बिना आरक्षण के चुप नहीं बैठूंगा। भले ही इसमें कुछ समय लगे, लेकिन आरक्षण मिलेगा। मैं आपसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि आत्महत्या न करें। सरकार की नीति मराठों के खिलाफ है, और हमें एकजुट होकर इसका सामना करना होगा।"
हिंसा से दूर रहने की सलाह
जरांगे ने आंदोलनकारियों से हिंसा और आगजनी से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने मराठा समाज को खत्म करने की साजिश की है। हमें इस अन्याय का सामना करना है और सरकार को असहाय करना है।
सरकार की रणनीति पर सवाल
उन्होंने आंदोलनकारियों को चेतावनी दी कि वे सरकार की बहकावे वाली रणनीतियों का शिकार न हों। जरांगे ने मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील पर भी गंभीर आरोप लगाए, यह कहते हुए कि उन्होंने मराठा समाज के खिलाफ साजिश की।
बैठक पर संदेह
जरांगे ने वर्षा निवास पर हुई बैठक को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें संदेह है कि इस बैठक में मराठा आंदोलन पर हमले की योजना बनाई गई।
सरकार को चुनौती
जरांगे ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि मराठा समाज मुंबई आने के लिए तैयार है। उन्होंने फिर से आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि हमें एकजुट होकर अन्याय के खिलाफ लड़ना है।