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महाराष्ट्र के डे-केयर सेंटर में बच्चे पर भयानक हमला, प्रबंधन पर कार्रवाई

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक डे-केयर सेंटर में हुई एक भयानक घटना ने सभी माता-पिता को चिंतित कर दिया है। यहां एक ढाई साल के बच्चे ने 23 महीने के बच्चे को 25 बार काटा, जबकि कोई स्टाफ मदद के लिए नहीं आया। इस घटना के बाद पुलिस ने सेंटर को बंद कर दिया और प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या कदम उठाए गए हैं।
 

मुंबई में डे-केयर सेंटर की लापरवाही का मामला

मुंबई: यदि आप अपने छोटे बच्चे को काम के कारण डे-केयर सेंटर में छोड़ते हैं, तो यह खबर आपको झकझोर सकती है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक निजी डे-केयर सेंटर में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने सभी माता-पिता को चिंतित कर दिया है। यहां, स्टाफ की लापरवाही के कारण एक ढाई साल के बच्चे ने 23 महीने के एक छोटे बच्चे को 25 से अधिक बार काट लिया। दर्द में कराहते इस बच्चे की चीखें सुनने वाला कोई नहीं था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने सेंटर को बंद कर दिया और प्रिंसिपल, सीईओ और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।


घटना का विवरण

15 मिनट तक तड़पता रहा मासूम

22 जून को हुई इस घटना ने महंगे डे-केयर सेंटर्स की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। पुलिस के अनुसार, एक सहायक ने तीन बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया और उन्हें अकेला छोड़ दिया। बिना निगरानी के, एक ढाई साल का बच्चा हिंसक हो गया और उसने 23 महीने के बच्चे को काटना शुरू कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में यह स्पष्ट है कि 15 मिनट तक कोई भी स्टाफ सदस्य बच्चे की मदद के लिए नहीं आया। इस दौरान एक अन्य बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न की घटना भी हुई।


परिजनों को छिपाया गया सच

परिजनों से छिपाया गया खौफनाक सच

डे-केयर सेंटर प्रबंधन का रवैया बेहद असंवेदनशील रहा। पीड़ित बच्चे के पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि प्रबंधन ने घटना को छिपाने की कोशिश की। बच्चे के लहूलुहान शरीर की जानकारी उसके माता-पिता को करीब ढाई घंटे तक नहीं दी गई। जब परिजन वहां पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज देखा, तो प्रबंधन ने उन्हें पुलिस के पास जाने से भी रोका।


कड़ी कार्रवाई की गई

प्रिंसिपल और अन्य पर गिरी गाज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। एमआईडीसी सिडको पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया कि डे-केयर सेंटर के प्रिंसिपल, सीईओ, मालिक और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने भी बताया कि संचालकों के पास आवश्यक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं था। इस अवैध डे-केयर सेंटर को तुरंत बंद करने के आदेश दिए गए हैं।