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महाराष्ट्र में येडेश्वरी मेले के दौरान 40 किलोमीटर लंबा जाम: श्रद्धालुओं की भीड़ ने बढ़ाई मुश्किलें

महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में येडेश्वरी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ ने यातायात को प्रभावित कर दिया है। सोलापुर-धुले हाईवे पर 40 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार मेले में 15 लाख से अधिक लोग शामिल हुए हैं, और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में संघर्ष कर रहा है। जानें इस धार्मिक आयोजन की पूरी कहानी और जाम की गंभीरता के बारे में।
 

धाराशिव में श्रद्धालुओं की भीड़


महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में इस समय एक अद्भुत धार्मिक उत्सव का नजारा देखने को मिल रहा है, जहां लाखों भक्त कुलदेवी मां येडेश्वरी के दर्शन के लिए एकत्रित हुए हैं। मराठवाड़ा क्षेत्र में हो रहे इस मेले के कारण सड़कों पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे यातायात पर बुरा असर पड़ा है। विशेष रूप से सोलापुर-धुले हाईवे पर लगभग 40 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है, जिससे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.


श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक वृद्धि

इस भीड़ का मुख्य कारण वार्षिक येडेश्वरी मेला है, जो हर साल चैत्र मास में आयोजित होता है। इस बार यह मेला 30 मार्च से 7 अप्रैल तक चल रहा है, जिसमें चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर पालकी महोत्सव का विशेष महत्व है। इस दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो गई हैं। अनुमान है कि इस बार 15 लाख से अधिक लोग यहां पहुंचे हैं, जिसके कारण यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा है.


ड्रोन वीडियो से जाम की स्थिति

सोशल मीडिया पर साझा किए गए ड्रोन वीडियो में इस जाम की गंभीरता को दर्शाया गया है। हाईवे पर दूर-दूर तक वाहनों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। गाड़ियां धीरे-धीरे चल रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि जाम की स्थिति कितनी गंभीर है। यह समस्या न केवल आम यात्रियों के लिए बल्कि कई वीआईपी व्यक्तियों के लिए भी कठिनाई पैदा कर रही है.


प्रशासन की चुनौतियाँ



खबरों के अनुसार, इस जाम में एक बीजेपी नेता भी फंस गए, जिन्हें लगभग ढाई घंटे तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्थिति कितनी चुनौतीपूर्ण हो गई है। प्रशासन लगातार स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात को सुचारू करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी संख्या के सामने व्यवस्थाएं कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं.