महाराष्ट्र सरकार का गणेशोत्सव पर भक्तों के लिए टोलमाफी का ऐलान
गणेशोत्सव के लिए टोलमाफी की घोषणा
मुंबई: गणेशोत्सव के दौरान कोंकण की ओर जाने वाले भक्तों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने 11 से 27 सितंबर 2026 तक कोंकण जाने वाले वाहनों के लिए टोलमाफी की घोषणा की है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोंसले ने इस बात की जानकारी दी। इस टोलमाफी के लिए विशेष पास और स्टिकर भी जारी किए जाएंगे, जो वापसी यात्रा में भी मान्य होंगे।
सरकार के अनुसार, यह छूट मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग-48, मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग-66 और लोक निर्माण विभाग तथा महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल के अंतर्गत आने वाले कोंकण मार्गों पर लागू होगी। इसके अतिरिक्त, नगर विकास विभाग के अधीन अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु से कोंकण जाने वाले वाहनों को भी टोलमाफी का लाभ मिलेगा।
गणेशोत्सव के दौरान, मुंबई, ठाणे, पुणे और अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपने मूल गांवों की ओर जाते हैं, जिससे प्रमुख मार्गों पर वाहनों की संख्या में वृद्धि होती है। सरकार का मानना है कि टोलमाफी से श्रद्धालुओं पर यात्रा का आर्थिक बोझ कम होगा और उनकी यात्रा को अधिक सुगम बनाया जा सकेगा।
टोलमाफी का लाभ उठाने के लिए ‘गणेशोत्सव 2026 कोंकण दर्शन’ नामक स्वतंत्र स्टिकर या पास उपलब्ध कराए जाएंगे। इन पासों पर वाहन का नंबर और चालक का नाम लिखा होगा। ये पास पुलिस स्टेशन, यातायात पुलिस चौकियों और आरटीओ कार्यालयों पर उपलब्ध होंगे और वापसी के समय भी मान्य रहेंगे।
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एसटी) की कोंकण जाने वाली बसों को भी टोलमाफी का लाभ मिलेगा। संबंधित बसों के लिए पास पुलिस या क्षेत्रीय परिवहन विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार ने टोलमाफी के दौरान संभावित भीड़ और यातायात जाम को ध्यान में रखते हुए पुलिस, यातायात पुलिस, आरटीओ और परिवहन विभाग को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए हैं। पास वितरण और जांच की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने पर भी जोर दिया गया है।
लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोंसले ने कहा कि गणेशोत्सव लोगों की भावनाओं से जुड़ा त्योहार है। कोंकण जाने वाले भक्तों की यात्रा को सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए टोलमाफी का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि भक्त बिना किसी परेशानी के अपने गांव पहुंचकर गणराय का स्वागत कर सकें।