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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब वित्त आयोग की बैठक में वित्तीय स्थिरता पर जोर दिया

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज वित्तीय स्थिरता और स्थानीय निकायों के लिए संसाधनों के पारदर्शी आवंटन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने नवगठित पंजाब वित्त आयोग की बैठक में कहा कि आयोग का उद्देश्य पंचायतों और नगरपालिकाओं के बीच वित्तीय हिस्सेदारी को सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने आयोग से अपेक्षा की कि वह स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक सिफारिशें करेगा। इस बैठक में आयोग के सदस्यों का स्वागत करते हुए, उन्होंने राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
 

मुख्यमंत्री का वित्तीय ढांचे पर जोर


चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए एक मजबूत वित्तीय ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय स्थिरता और प्रभावी शासन के लिए राज्यों को अनुशासित वित्तीय मार्ग और टिकाऊ वित्तीय संस्थाओं की आवश्यकता है। नवगठित सातवें पंजाब वित्त आयोग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए, उन्होंने बताया कि आयोग का उद्देश्य पंचायतों और नगरपालिकाओं के बीच करों, शुल्कों, रोड टैक्स और अन्य वित्तीय हिस्सेदारी के लिए विशेष सिफारिशें करना है।


वित्तीय विकेंद्रीकरण का संवैधानिक महत्व

वित्तीय विकेंद्रीकरण का संवैधानिक माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा, "आयोग का गठन पंचायती राज संस्थाओं और नगरपालिकाओं को वित्तीय विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि 73वें संविधान संशोधन के तहत स्थापित जमीनी स्तर की संस्थाएं अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकें।"


आयोग की जिम्मेदारियां

आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा, "राज्य वित्त आयोग की जिम्मेदारी है कि वह पंचायती राज संस्थाओं और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन करे और स्थानीय सरकारों की वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए एक ढांचे की सिफारिश करे।"


संसाधनों का पारदर्शी आवंटन

पारदर्शी और टिकाऊ संसाधन आवंटन की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा, "स्थानीय बुनियादी ढांचे के निर्माण और आवश्यक नागरिक सेवाओं की उपलब्धता के लिए संसाधनों का पारदर्शी और न्यायसंगत आवंटन आवश्यक है।"


भविष्य की सिफारिशें

व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी सिफारिशों की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आयोग स्थानीय निकायों की आय क्षमता और व्यय संबंधी जिम्मेदारियों का मूल्यांकन करेगा, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत किया जा सके।


आयोग का गठन और कार्यक्षेत्र

आयोग का गठन और कार्यक्षेत्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयोग गैर-उत्पादक राजस्व व्यय को कम करने और पूंजीगत संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए उपायों की सिफारिश करेगा। इस कार्य के लिए पंजाब के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव के. शिव प्रसाद की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया है।


आयोग के सदस्यों की जानकारी

आयोग के सदस्यों का विवरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयोग में शौकत राय को विशेषज्ञ सदस्य के रूप में और प्रशासनिक सचिवों को पदेन सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है।


राज्य सरकार का समर्थन

राज्य सरकार का पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री ने आयोग के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण कार्य में पूरा सहयोग प्रदान करेगी।


आयोग का कार्यकाल

आयोग का कार्यकाल और रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयोग का कार्यकाल 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा और यह 30 सितंबर, 2027 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।