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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शाहकोट में बाढ़ सुरक्षा सड़क परियोजना का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शाहकोट में बाढ़ सुरक्षा के लिए 61.82 करोड़ रुपए की लागत से एक नई सड़क परियोजना का उद्घाटन किया। यह 37.93 किलोमीटर लंबी सड़क सतलुज नदी के किनारे बाढ़ से सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन को सुगम बनाएगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के महत्व और इसके द्वारा क्षेत्र के विकास पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, महिला सशक्तिकरण और सरकारी नौकरियों के बारे में भी जानकारी साझा की। जानें इस परियोजना के अन्य लाभ और मुख्यमंत्री की योजनाएं।
 

मुख्यमंत्री ने बाढ़ सुरक्षा के लिए उठाया बड़ा कदम


शाहकोट: सतलुज नदी के किनारे बाढ़ से सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन को बेहतर बनाने के लिए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शाहकोट हलके में 61.82 करोड़ रुपए की लागत से शाहकोट-मोगा-रामपुर रोड से गिद्दरपिंडी धुस्सी बांध तक लिंक रोड का नींव पत्थर रखा। यह 37.93 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट बाढ़ सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने, संपर्क में सुधार और शाहकोट-लोहियां क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए है।


सीएम ने सभा में क्या कहा?

सभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "इस महत्वपूर्ण सड़क की कुल लंबाई 37.93 किलोमीटर होगी। हमारी सरकार ने इस बुनियादी ढांचे के लिए 61.82 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। शाहकोट और लोहियां क्षेत्रों के लोग दशकों से बाढ़ के खतरे में जी रहे थे। पिछले शासन ने चुनावों के दौरान बड़े वादे किए, लेकिन इस क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज किया।"


उन्होंने आगे कहा, "हम झूठे वादे नहीं करते, बल्कि परिणाम देने में विश्वास रखते हैं। मैंने देखा है कि बारिश के मौसम में गांवों का संपर्क टूट जाता था। धुस्सी बांध पर इस सड़क के निर्माण से सतलुज नदी के किनारे बने बांध को मजबूती मिलेगी और यह स्थानीय लोगों के लिए बाढ़ के खतरों से सुरक्षा का काम करेगी।"


सड़क का महत्व और लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया, "यह सड़क लगभग 15 गांवों के 15-16 हजार निवासियों के लिए आवागमन को सुगम बनाएगी। यह शाहकोट-मोगा रोड को लोहियां-मक्खू रोड से जोड़ेगी, जिससे ट्रैफिक की समस्या कम होगी। मानसून में यह सड़क किसानों, स्कूली बसों और आम जनता के लिए निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करेगी।"


उन्होंने कहा, "हम पूरे पंजाब में मजबूत ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह प्रोजेक्ट केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा, संपर्क और आर्थिक विकास के लिए एक निवेश है।"


सरकारी योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, "हमने युवाओं को 67,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। अब नौकरियां मेरिट के आधार पर मिल रही हैं।"


उन्होंने स्वास्थ्य सेवा में सुधारों पर भी प्रकाश डाला, "राज्य ने 990 'आम आदमी क्लीनिक' स्थापित किए हैं, जो मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।"


सिंचाई और जल प्रबंधन में सुधार

मुख्यमंत्री ने सिंचाई सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा, "पंजाब ने इस साल 96 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया है, जिससे किसानों को लाभ हुआ है।"


उन्होंने कहा, "हमने पूरे राज्य में 14,000 किलोमीटर पाइपें बिछाई हैं, जिससे किसानों की सिंचाई जरूरतें पूरी हो रही हैं।"


महिला सशक्तिकरण की पहल

महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी।


मुख्यमंत्री ने कहा, "यह योजना महिलाओं के लिए सम्मान का प्रतीक है और इससे उनके चेहरे पर मुस्कान लाने में मदद मिलेगी।"


स्वास्थ्य सेवा योजना का महत्व

मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' का जिक्र करते हुए कहा, "यह योजना हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज प्रदान करती है।"


उन्होंने कहा, "पंजाब पहला राज्य है जो इस तरह की व्यापक स्वास्थ्य बीमा सुविधा दे रहा है।"


समाज में सुधार के लिए कदम

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026' पास किया है, जो समाज में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।"


इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।