मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा कदम: 2 लाख परिवारों को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये
मुख्यमंत्री का विशेष कार्यक्रम
रविवार का दिन उत्तर प्रदेश के दो लाख से अधिक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत लाभार्थियों के बैंक खातों में एक-एक लाख रुपये का ट्रांसफर करेंगे। यह राशि आवास निर्माण में आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से दी जा रही है। इस अवसर पर लखनऊ के कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और लाभार्थी शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना का इतिहास
प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत 2014 में केंद्र सरकार द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य हर बेघर परिवार को आवास उपलब्ध कराना है। शहरी क्षेत्रों में इस योजना का संचालन जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा किया जाता है। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी के आवास निर्माण के लिए शासन स्तर से ढाई लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। 2021 तक अलीगढ़ जिले में इस योजना के तहत लगभग 24 हजार लोगों को लाभ मिल चुका था।
योजना का उद्देश्य और प्रगति
इस योजना का लक्ष्य 2024 तक हर बेघर परिवार को आवास उपलब्ध कराना था, लेकिन प्रारंभिक चरण में यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। इसलिए योजना का दूसरा चरण शुरू किया गया। पिछले साल फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें अब तक लगभग 35 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 20 हजार आवेदनों का सत्यापन हो चुका है, जबकि शेष की प्रक्रिया जारी है।
अलीगढ़ जिले में भी इस योजना का लाभ मिलेगा, जहां कुल 5,382 लाभार्थियों के खातों में निधि ट्रांसफर की जाएगी। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री लाभार्थियों से सीधा संवाद भी करेंगे। प्रशासन द्वारा चयनित पांच से छह लाभार्थियों में से एक अलीगढ़ जिले का लाभार्थी भी इस बातचीत में शामिल हो सकता है।
डिजिटल हस्तांतरण का महत्व
इस डिजिटल ट्रांसफर का उद्देश्य लाभार्थियों तक सहायता को तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत यह पहली किस्त है, जो लाभार्थियों को उनके घर बनाने या निर्माण कार्य में आर्थिक सहायता देने के लिए सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। इस पहल से शहरी क्षेत्रों में बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और योजना के लाभार्थियों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।