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मोहाली के नाई की जिंदगी में आई नई रोशनी: मुख्यमंत्री सेहत योजना से मिला नया जीवन

मोहाली के नाई मोहम्मद जुल्फुकर की जिंदगी एक सड़क दुर्घटना के बाद बदल गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना ने उन्हें मुफ्त इलाज प्रदान किया। अब वे फिर से अपने काम पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। यह कहानी न केवल उनके संघर्ष की है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे समय पर स्वास्थ्य उपचार किसी की जिंदगी को बदल सकता है। जानें उनकी कहानी और योजना के प्रभाव के बारे में।
 

चंडीगढ़: एक नाई की संघर्ष की कहानी


चंडीगढ़: मोहाली के नाई मोहम्मद जुल्फुकर की जिंदगी एक भयानक सड़क दुर्घटना के बाद बदल गई थी। घुटने में गंभीर चोट के कारण उन्हें अपने रोज़गार के खोने का डर सताने लगा था। लेकिन पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना ने उन्हें मुफ्त इलाज प्रदान किया, जिससे वे अब अपने काम पर लौटने के लिए तैयार हैं।


मोहम्मद जुल्फुकर का संघर्ष

हर सुबह, जब लोग अपने दिन की शुरुआत करते हैं, मोहम्मद जुल्फुकर अपनी नाई की दुकान खोलकर ग्राहकों का इंतजार करते हैं। वे केवल एक नाई नहीं, बल्कि अपने ग्राहकों के लिए एक मित्र भी हैं। हालाँकि, हाल ही में उनकी जिंदगी में एक कठिन मोड़ आया।


एक दिन, जब वे मोटरसाइकिल चला रहे थे, अचानक एक गाय सड़क पर आ गई। उसे बचाने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। उनकी एक टाँग मोटरसाइकिल के नीचे आ गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।


उनका काम लंबे समय तक खड़े रहने की मांग करता था, लेकिन दुर्घटना के बाद खड़े रहना भी मुश्किल हो गया। उन्हें डर था कि कहीं वे अपना रोज़गार न खो दें।


उन्होंने कहा, “मैं हर दिन दर्द में रहता था। अगर मैं खड़ा नहीं हो पाया, तो काम कैसे करूँगा?”


सर्जरी का खर्च उनकी चिंता को और बढ़ा रहा था। इलाज महँगा था और पैसे जुटाना उनके लिए मुश्किल था।


मुख्यमंत्री सेहत योजना से मिली सहायता

उन्हें मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत राहत मिली। मोहाली के जिला अस्पताल में उनका आर्थ्रोस्कोपिक मेनिस्कस रिपेयर ऑपरेशन किया गया, जिसका खर्च 53,455 रुपये था, जिसे योजना ने पूरी तरह से वहन किया।


जुल्फुकर ने कहा, “जब मुझे पता चला कि मेरा इलाज मुफ्त होगा, तो ऐसा लगा जैसे एक बड़ा बोझ उतर गया।”


सर्जरी के बाद, वे तेजी से ठीक हो रहे हैं और अपनी दुकान पर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।


उन्होंने कहा, “बाल काटना सिर्फ मेरा पेशा नहीं, बल्कि मेरे परिवार का सहारा है।”


स्वास्थ्य योजना का प्रभाव

जुल्फुकर के लिए यह ऑपरेशन केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास और परिवार की आजीविका को सुरक्षित करने का एक साधन था।


राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 190 ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाएँ की गईं, जिनमें से अधिकांश फ्रैक्चर से संबंधित थीं।


स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की और कहा कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मुफ्त सर्जिकल उपचार उपलब्ध है।