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योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन और उपकरणों का किया वितरण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन और अन्य उपकरण वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य सेवा वितरण में सुधार करना और डेटा संग्रहण को बेहतर बनाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की बढ़ती जिम्मेदारी और मानदेय को सम्मानजनक बनाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा, पूर्व सरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अब चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है। नए निगम के गठन से आउटसोर्स कर्मियों को भी लाभ होगा। इस कार्यक्रम से बच्चों के पोषण और विकास में सुधार की उम्मीद है।
 

लखनऊ में स्मार्टफोन वितरण समारोह


लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 69,794 स्मार्टफोन प्रदान किए। इसके साथ ही, उन्होंने 1,33,282 स्टैडियोमीटर, 10,553 इन्फेंटोमीटर और 58,237 वजन मशीनें भी वितरित कीं। इस अवसर पर नए कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।


सेवा वितरण में सुधार के लिए उठाया गया कदम

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल सेवा वितरण को बेहतर बनाने और वास्तविक समय में डेटा संग्रहण के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए थे कि हर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पास स्मार्टफोन हो, जिससे उनके कार्य का सही डेटा समय पर उपलब्ध हो सके और राज्य की रैंकिंग में सुधार हो सके।


आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बढ़ती जिम्मेदारी

योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में इनकी जिम्मेदारी और बढ़ेगी, इसलिए सरकार उन्हें आधुनिक उपकरण और सुविधाएं प्रदान कर रही है। आंगनवाड़ी केंद्र अब डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं, जो सटीक डेटा के माध्यम से प्रदर्शन में सुधार लाएंगे।


मानदेय को सम्मानजनक बनाने का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को गरिमापूर्ण बनाने का वादा किया। उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि जल्द ही सम्मानजनक मानदेय का प्रस्ताव पास किया जाए। योगी जी ने कहा, "यदि आंगनवाड़ी केंद्र स्मार्ट हैं, तो आपका मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए। आप सम्मानजनक पारिश्रमिक के हकदार हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि संकट के समय में इन कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग का कार्य जारी रखा। सरकार उनकी तरक्की के लिए प्रतिबद्ध है।


पूर्व सरकारों पर आरोप

योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सरकारों पर आरोप लगाया कि 2017 से पहले पोषण पूरकों का ठेका शराब माफिया को दिया जाता था। चयन प्रक्रिया में रिश्वतखोरी होती थी और पोषण सामग्री की गुणवत्ता खराब थी। अब चयन प्रक्रिया में ईमानदारी आई है और पारदर्शिता बढ़ी है।


आउटसोर्स कर्मियों के लिए नया निगम

अप्रैल से आउटसोर्स कर्मियों के लिए एक नया निगम स्थापित किया जाएगा। इससे बिचौलियों का शोषण समाप्त होगा और श्रमिकों को सीधे उचित वेतन मिलेगा। पहले एजेंसियां पैसे हड़प लेती थीं। इस पहल से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्य आसान और पारदर्शी होगा, जिससे बच्चों के पोषण और विकास में सुधार होगा।