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रतिया में भव्य रामलीला का उद्घाटन: श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति की कहानी

रतिया में शक्ति नाटक क्लब द्वारा आयोजित रामलीला का भव्य उद्घाटन हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि सतीश हांडा ने रिबन काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। पहले दिन श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति का मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसमें माता-पिता के प्रति कर्तव्य का संदेश दिया गया। गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में बेस्ट कलाकार अवार्ड की घोषणा भी की गई। जानिए इस भव्य आयोजन के बारे में और क्या खास रहा।
 

रामलीला का भव्य उद्घाटन


रतिया: हर साल की तरह, शक्ति नाटक क्लब ने बाबा बंदा सिंह बहादुर गुरुद्वारा ग्राउंड, शक्ति नगर रतिया में भव्य रामलीला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार रात को पंजाबी सभा के अध्यक्ष सतीश हांडा द्वारा रिबन काटकर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अग्रवाल सभा के अध्यक्ष प्रमोद बंसल ने की। उद्घाटन से पहले, शहर के सभी मंदिरों के पुजारियों ने रामलीला के मंच पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। समाजसेवी भीष्म भटेजा ने बालाजी महाराज की झंडा रसम का आयोजन भी किया। मुख्य अतिथि सतीश हांडा ने कहा कि रामलीला का मंचन लोगों को भगवान श्री राम के आदर्शों और संस्कारों के प्रति प्रेरित करता है। उन्होंने भगवान श्री राम के जीवन के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।


श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति का मार्मिक प्रसंग

प्रथम दिन श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति का मार्मिक प्रसंग


रामलीला के पहले दिन, श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता (शांतनु और ज्ञानवती) को कांवड़ में बैठाकर तीर्थ यात्रा पर ले जाते हैं, जो उनके मातृ-पितृ भक्ति का प्रतीक है। जब श्रवण माता-पिता की प्यास बुझाने के लिए सरयू नदी में जल भरने जाते हैं, तो राजा दशरथ, जो शिकार पर निकले थे, उनकी आवाज को किसी हिंसक पशु की ध्वनि समझ लेते हैं और बाण चला देते हैं।


बाण लगने के बाद, घायल श्रवण दशरथ को अपना परिचय देते हैं और अपने माता-पिता को जल पिलाने का आग्रह करते हुए प्राण त्याग देते हैं। जब दशरथ जल लेकर पहुंचते हैं और सत्य बताते हैं, तो श्रवण के माता-पिता विलाप करते हुए उन्हें श्राप देते हैं कि उनकी मृत्यु भी इसी प्रकार पुत्र के वियोग में होगी। यह दृश्य मंच पर अत्यंत भावुक और मार्मिक होता है, जो दर्शकों को माता-पिता के प्रति कर्तव्य का संदेश देता है।


गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति और पुरस्कारों की घोषणा

गणमान्य अतिथि मौजूद, बेस्ट कलाकार अवार्ड की घोषणा


रामलीला के पहले दिन कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे, जिनमें नंबरदार एसोसिएशन के प्रधान ज्ञानचंद चोपड़ा, संयोजक विज्ञान सागर बाघला, रघुनाथ मंदिर कमेटी के प्रधान सुभाष चुघ, और अन्य शामिल थे। चोपड़ा टीवी कॉर्नर के संचालक सतीश चोपड़ा ने बताया कि हर दिन बेस्ट कलाकार अवार्ड दिया जाएगा।


मुख्य अतिथियों का सम्मान

मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित


रामलीला के पहले दिन के समापन पर, मुख्य अतिथियों को शक्ति नाटक क्लब के सदस्यों द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजेश सेतिया, रवि मिढा, अंशुल बत्रा, और अन्य सदस्यों ने भाग लिया।