☰
×

रतिया में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन: गौ सेवा का अद्भुत संकल्प

रतिया में श्री कृष्ण गौशाला और महिला मंडल द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा की शुरुआत एक भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। कथा व्यास आचार्य पंडित श्री राम सेवक शास्त्री जी ने कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि यह पितरों के उद्धार का साधन है। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी, और इसका समापन 03 अक्टूबर 2026 को भंडारे के साथ होगा।
 

रतिया में कथा का शुभारंभ


रतिया: संतों की कृपा से गौ सेवा के उद्देश्य से श्री कृष्ण गौशाला और महिला मंडल, रतिया द्वारा पितृ पक्ष के पावन अवसर पर सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया।


कथा की शुरुआत एक भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर नगर की परिक्रमा की। ढोल-नगाड़ों की धुन और 'जय श्री कृष्ण' के जयघोष ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।


कथा का महत्व और पुण्य

"गौशाला में कथा का आयोजन सबसे बड़ा पुण्य"


कथा व्यास आचार्य पंडित श्री राम सेवक शास्त्री जी ने पहले दिन की कथा में भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने से पितरों का उद्धार होता है और सभी पापों का नाश होता है। उन्होंने बताया कि गौशाला में कथा का आयोजन करना सबसे बड़ा पुण्य है, क्योंकि जहां गौ सेवा होती है, वहां भगवान श्री कृष्ण स्वयं विराजमान होते हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि कलयुग में भागवत कथा मुक्ति का सरल साधन है और पितृ पक्ष में इसका श्रवण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।


कथा का समय और भंडारे की जानकारी

प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से होगी कथा, 03 अक्टूबर को भंडारा


कमेटी के सदस्यों ने बताया कि कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। कथा का समापन एवं भंडारा 03 अक्टूबर 2026 को होगा। आयोजकों ने नगरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करें और गौ सेवा में सहयोग दें।