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राजस्थान में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला: नाबालिग के जेंडर चेंज का विवाद

राजस्थान के करौली जिले में एक मामी पर अपनी 17 वर्षीय भांजी को बहला-फुसलाकर समलैंगिक संबंध बनाने और जबरन जेंडर चेंज करवाने का आरोप लगा है। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता की स्थिति बिगड़ गई और उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से दोनों को इंदौर से बरामद किया। इस मामले में बाल कल्याण समिति ने सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जानें इस चौंकाने वाली घटना के बारे में विस्तार से।
 

राजस्थान में चौंकाने वाला मामला


राजस्थान: करौली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जो रिश्तों को कलंकित करने और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला है। यहां एक मामी पर अपनी 17 वर्षीय भांजी को बहला-फुसलाकर समलैंगिक संबंध बनाने और जबरन जेंडर चेंज करवाने का गंभीर आरोप लगा है।


जेंडर चेंज का असफल प्रयास

जेंडर चेंज का ऑपरेशन


यह ऑपरेशन दिल्ली के एक निजी अस्पताल में किया गया था, जो पूरी तरह से असफल रहा। इसके परिणामस्वरूप पीड़िता की स्थिति बिगड़ गई। अब यह मामला बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।


शादी का झांसा देकर फंसाया गया

शादी का झांसा


पीड़िता करौली की निवासी है और भरतपुर के एक निजी कॉलेज में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। कुछ समय पहले उसके चचेरे मामा-मामी उससे मिलने आए थे। 18 अप्रैल को उसकी चचेरी मामी फिर से अकेले उसके कमरे पर आई और वहीं रहने लगी।


आरोपों की गंभीरता

क्या आरोप हैं?


आरोप है कि मामी ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। उसने लड़की पर दबाव डाला कि यदि वह जेंडर चेंज करवाकर लड़का बन जाएगी, तो वे पति-पत्नी की तरह रह सकेंगे। लड़की के गायब होने पर उसके पिता ने मथुरा गेट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक करके उन्हें दिल्ली के अस्पताल तक पहुंचाया।


गहनों की बिक्री से ऑपरेशन का खर्च

गहने बेचकर कराया ऑपरेशन


27 अप्रैल को आरोपी मामी ने उसे ट्रेन से दिल्ली ले जाकर गुरुग्राम के मानेसर में एक किराए के कमरे में रखा। वहां नाबालिग को दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया। अस्पताल की एक महिला कर्मचारी की मदद से मामी ने अपने सोने के गहने बेचकर डॉक्टर की फीस चुकाई।


कानूनी कार्रवाई की तैयारी

ऑपरेशन असफल रहा


डॉक्टरों ने जेंडर चेंज का ऑपरेशन तो किया, लेकिन यह पूरी तरह से असफल रहा। भरतपुर की बाल कल्याण समिति ने दिल्ली के अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ और मुख्य आरोपी मामी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।