राधाष्टमी महोत्सव 2023: बरसाना में सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी पूरी
मथुरा में राधाष्टमी महोत्सव की तैयारियाँ
मथुरा: राधारानी की जन्मभूमि बरसाना में 18 और 19 सितंबर को आयोजित होने वाले राधाष्टमी महोत्सव के लिए प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की योजना बना ली है। इस महोत्सव में प्रदेश और देशभर से लगभग 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
इस बार श्रद्धालुओं के लिए श्रीजी गेट और पीली कोठी से दो विशेष प्रवेश मार्ग बनाए गए हैं, जिनसे श्रद्धालुओं को मुख्य श्रीजी प्रांगण तक पहुँचाया जाएगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 38 होल्डिंग एरिया भी बनाए गए हैं। इसके अलावा, 325 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो पूरे मेले के क्षेत्र की निगरानी करेंगे। निगरानी के लिए पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
श्रद्धालुओं के निकास के लिए जयपुर मंदिर की ओर एकल दिशा मार्ग निर्धारित किया गया है। आपात स्थिति के लिए दो सीढ़ियों को कंटिंजेंसी मार्ग के रूप में सुरक्षित रखा गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें आधार कार्ड के आधार पर पास जारी किए जाएंगे और उन्हें निर्धारित समय में दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था में 3000 पुलिसकर्मी तैनात
3000 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
राधाष्टमी महोत्सव की सुरक्षा के लिए आठ अपर पुलिस अधीक्षक, 36 क्षेत्राधिकारी और लगभग 3000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, तीन स्थानों से ड्रोन के माध्यम से मेला क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर नजर रखी जाएगी। महिलाओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पांच एंटी रोमियो स्क्वॉड और सादा कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
थर्ड जेंडर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
थर्ड जेंडर श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था
राधाष्टमी पर बड़ी संख्या में आने वाले थर्ड जेंडर श्रद्धालुओं को भी अन्य श्रद्धालुओं की तरह कतार में लगकर दर्शन कराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो और दर्शन की प्रक्रिया सुचारु बनी रहे।
आपातकालीन सेवाओं की तैयारी
10 स्थानों पर एंबुलेंस और फायर टीम
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए 10 स्थानों पर एंबुलेंस और 10 स्थानों पर फायर टीम तैनात की गई हैं। मंदिर परिसर में पोर्टेबल फायर फाइटिंग उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे। महोत्सव से एक दिन पहले इमरजेंसी सर्विसेज का ड्राई रन कराया जाएगा, जिसमें आपात स्थिति में वाहनों की आवाजाही, रेस्क्यू और अन्य सेवाओं की तैयारियों का अभ्यास किया जाएगा। प्रशासन का ध्यान भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर है।