राम मंदिर चढ़ावे चोरी पर संतों की बैठक: चंपतराय को मिली क्लीन चिट
लखनऊ में हुई महत्वपूर्ण बैठक
लखनऊ: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद और अयोध्या के प्रमुख संतों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मणिरामदास जी की छावनी में स्थित राम सत्संग भवन में संपन्न हुई। इस बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपतराय को पूरी तरह निर्दोष मानते हुए सर्वसम्मति से क्लीन चिट दी गई।
श्रद्धालुओं से अपील
एसआइटी जांच पर भरोसा रखें श्रद्धालु
संत समाज और संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि चंपतराय ने अपने जीवन का अधिकांश समय प्रभु रामलला की सेवा में समर्पित किया है। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश और विदेश में रामभक्तों के बीच उत्पन्न असंतोष और संदेह को समाप्त करना और ट्रस्ट की विश्वसनीयता को पुनर्स्थापित करना था। संतों ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे भ्रामक सूचनाओं और सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार से प्रभावित न हों। उन्होंने विशेष जांच दल (SIT) की जांच पर भरोसा जताया।
संतों की चिंताएं
संतों का विशाल मंथन
चढ़ावे के मामले में गलत कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं, जो लोग निर्दोष हैं, उन्हें जांच के बाद अपनी सेवा जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। चंपतराय को पूरी तरह से निर्दोष माना गया है। वशिष्ठ भवन के महंत डॉ. राघवेशदास ने कहा कि अयोध्या की मर्यादा और हिंदुत्व के प्रति समर्पित चंपतराय की छवि को धूमिल करने के प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। संत समाज इसके खिलाफ जवाब देने के लिए तैयार है। नई 'धार्मिक समिति' के संत सदस्यों का बैठक में भव्य स्वागत किया गया।
समिति के संतों की राय
समिति के प्रमुख संतों ने अपनी राय व्यक्त की
समिति के प्रमुख संतों ने अपनी राय साझा की। अधिकारी राजकुमारदास ने कहा कि जांच अभी भी जारी है और अंतिम निर्णय लेना जल्दबाजी होगी। महंत आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण ने कहा कि नई समिति प्रभु रामलला की आरती, भोग और श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। महंत रामदास ने कहा कि बड़े विवादों का समाधान सार्थक संवाद से ही संभव है।
विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई
विरोधियों के सामाजिक बहिष्कार की तैयारी
बैठक में इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई कि जो लोग बिना किसी आधार के हिंदुत्व और राम मंदिर के बारे में नकारात्मक बातें करते हैं, उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाए। संत समाज ने एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया। महंत शशिकांत दास ने कहा कि जिन लोगों ने रामजन्मभूमि आंदोलन में संघर्ष किया, उन्हें आज षड्यंत्र के तहत निशाना बनाया जा रहा है।
महंत कमलनयन दास की टिप्पणी
चोरी नहीं, विश्वासघात हुआ है: महंत कमलनयन दास
महंत कमलनयन दास ने कहा कि जो लोग अदालतों में राम के खिलाफ रहते थे, वे आज चढ़ावे के बारे में आंसू बहा रहे हैं। मंदिर परिसर में चोरी नहीं, बल्कि विश्वासघात हुआ है। विदेशों से सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने के लिए फंडिंग हो रही है, जिसे हमें एकजुट होकर रोकना होगा।