राम मंदिर चोरी मामले में चंपत राय की पूछताछ: क्या है सच?
लखनऊ में राम मंदिर चोरी की जांच
लखनऊ: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और प्रसाद से जुड़ी चोरी के मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस सिलसिले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से तीन घंटे तक पूछताछ की गई। पुलिस के सूत्रों के अनुसार, इस दौरान मंदिर के प्रशासनिक कार्य, चढ़ावे की सुरक्षा, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और शिकायत निवारण प्रणाली पर सवाल उठाए गए। आइए जानते हैं कि जांच में क्या जानकारी सामने आई है।
चढ़ावे के रखरखाव पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में अधिकारियों ने चढ़ावे के रखरखाव और निगरानी से संबंधित कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। जांच टीम चंपत राय के बयान की तुलना अन्य गवाहों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों से कर रही है। यदि चंपत राय का बयान संदिग्ध पाया गया, तो उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
चंपत राय का बयान
चंपत राय ने पूछताछ के दौरान चोरी की घटना में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया। उन्होंने पुलिस को बताया कि जब उन्हें वित्तीय गड़बड़ी की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत आवश्यक कदम उठाए। उनके अनुसार, संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई उनकी पहल पर शुरू हुई और स्थानीय थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी थी। जब मुख्य आरोपी तिन्नू यादव के बारे में सवाल किया गया, तो राय ने बताया कि वह लंबे समय से ट्रस्ट से जुड़े हुए थे और इस तरह के आरोप लगना उनके लिए चौंकाने वाला है।
भर्ती प्रक्रिया पर सवाल
जांच एजेंसियों ने ट्रस्ट की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की गई कि कर्मचारियों की नियुक्ति किस आधार पर की जाती है और क्या इसमें रिश्तेदारों को प्राथमिकता दी गई। चंपत राय ने कहा कि नियुक्तियां सामूहिक निर्णय के तहत की जाती हैं और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने बताया कि भर्ती संबंधी फैसलों में ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होते हैं।
इस समय पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का ध्यान मंदिर की सुरक्षा में हुई संभावित चूक, चोरी की वास्तविक रकम और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर केंद्रित है। अब देखना होगा कि जांच के बाद और क्या जानकारी सामने आती है।