राम मंदिर दान चोरी: 79 लाख रुपये और 900 डॉलर की बरामदगी से खुलासा
अयोध्या में रामलला के दान पात्र से चोरी का मामला
अयोध्या: रामलला के दान पात्र से करोड़ों की चोरी के मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दान में सेंध लगाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस और SIT ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी की है। जेल में भेजे गए आठ आरोपियों में से सात के पास से भारी मात्रा में नकद और विदेशी मुद्रा मिली है।
79 लाख रुपये और 900 अमेरिकी डॉलर की बरामदगी
अयोध्या पुलिस के अनुसार, सभी आठ आरोपियों के ठिकानों पर गहन तलाशी ली गई। इस दौरान सात आरोपियों से कुल 79 लाख 85 हजार रुपये नकद बरामद हुए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनके पास से 900 अमेरिकी डॉलर भी मिले, जो उन NRI और विदेशी भक्तों का दान था जिन्होंने रामलला को चढ़ावा दिया था।
अविनाश शुक्ला से मिली सबसे बड़ी रकम
अविनाश शुक्ला को इस मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। जब पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापा मारा, तो उसके पास से लगभग 20 लाख रुपये की नकदी मिली। नोटों की गड्डियों को देखकर पुलिस अधिकारी भी चकित रह गए। अविनाश ने सबसे अधिक धनराशि चुराई थी।
सुभाष श्रीवास्तव की संदिग्ध भूमिका
गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में राम मंदिर ट्रस्ट के गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव भी शामिल हैं। आश्चर्य की बात यह है कि उसके पास से कोई भी धनराशि बरामद नहीं हुई। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि दान की गिनती में हेरफेर करने और पूरे सिंडिकेट को बचाने में उसकी भूमिका संदिग्ध है। इसी आधार पर उसे सह-आरोपी बनाकर जेल भेजा गया है।
सभी आरोपियों को जेल भेजा गया, बैंक खातों की जांच जारी
अयोध्या पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। अब SIT इनके बैंक खातों, संपत्तियों और पिछले कुछ महीनों के संदिग्ध लेन-देन की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि बरामद की गई रकम को कोर्ट में मुख्य सबूत के रूप में पेश किया जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आस्था को चोट पहुंचाने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। SIT अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन शामिल है।