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राम मंदिर दानपात्र में करोड़ों की हेराफेरी: चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

उत्तर प्रदेश में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र में करोड़ों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मामले में एसआईटी ने 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। जानें इस मामले की पूरी टाइमलाइन और प्रमुख घटनाएं, जो इस विवाद को जन्म देती हैं।
 

उत्तर प्रदेश में राम मंदिर दानपात्र में हेराफेरी का मामला


उत्तर प्रदेश: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र में करोड़ों रुपये की हेराफेरी का मामला देश की राजनीति और धार्मिक समुदायों में हलचल पैदा कर रहा है। इस मामले में एसआईटी की जांच के बाद 8 मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।


मुकदमा दर्ज होने वाली धाराएं


इस एफआईआर में अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, राजेश पाठक, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 306, 316, 317 और 61 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से अधिकांश लोग ट्रस्ट के पदाधिकारियों के करीबी रिश्तेदार हैं और नोटों की गिनती में शामिल थे।


चढ़ावा चोरी की घटनाक्रम


सियासी आरोप और चंपत राय का स्पष्टीकरण


7 जून


समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडेय ने राम मंदिर के दानपात्र से 5 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये चोरी होने का आरोप लगाया। शाम को ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों का खंडन किया।


नृपेंद्र मिश्र का अयोध्या दौरा


8 जून


चंपत राय ने सार्वजनिक रूप से आरोपों को नकारा। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने अयोध्या का दौरा किया।


सीबीआई जांच की मांग


9 जून


भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले की जांच सीबीआई या ईडी से कराने की मांग की।


पीएमओ का संज्ञान


10 जून


प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए यूपी सरकार और ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगी। इसी दिन नृपेंद्र मिश्र ने दोबारा अयोध्या का दौरा किया।


महिपाल सिंह का वीडियो वायरल


11 जून


राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अकाउंटेंट महिपाल सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने 2021-2022 में चोरी की जानकारी दी थी।


एसआईटी का गठन


13 जून


मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल का गठन किया।


पूछताछ का दौर


15 जून


एसआईटी ने अयोध्या में डेरा डाला और चंपत राय से पूछताछ की।


दस्तावेजों की जांच


16 जून


एसआईटी ने चंपत राय से गहन सवाल-जवाब किए और ट्रस्ट के वित्तीय दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया।


बैंक और एजेंसियों से पूछताछ


17 जून


जांच टीम ने बैंक अधिकारियों और नोटों की गिनती करने वाली एजेंसियों से पूछताछ की।


मंदिर परिसर में 10 घंटे


18 जून


एसआईटी की टीम ने मंदिर परिसर में 10 घंटे बिताए और डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ की।


कैशियर से पूछताछ


19 - 20 जून


चंपत राय और अन्य से अलग-अलग पूछताछ की गई। सभी संदिग्धों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।


गृह विभाग को रिपोर्ट


23 जून


एसआईटी ने गृह विभाग को अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपी, जिसमें संगठित चोरी की पुष्टि की गई।


एफआईआर और इस्तीफा


25 - 26 जून


25 जून को रामजन्मभूमि कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई। इसके तुरंत बाद, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया।