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रेवाड़ी में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा

रेवाड़ी में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने महिला विरुद्ध अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के फैसले के बारे में।
 

महिला विरुद्ध अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

रेवाड़ी में पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने सभी थाना प्रबंधकों, चौकी इंचार्जों और अनुसंधानकर्ताओं को निर्देशित किया है कि महिला के खिलाफ होने वाले अपराधों और पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पुलिस कार्यवाही की जाए, ताकि न्यायालय में आरोपियों को सजा दिलाई जा सके और पीड़ितों को न्याय मिले।


दुष्कर्म के मामले में सजा

इन निर्देशों के अनुपालन में, थाना धारूहेड़ा की पुलिस ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उत्कृष्ट पैरवी की। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, डॉ. मैनपाल रामावत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कैद और 12,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।


घटना का विवरण

एक महिला, जो मूल रूप से राजस्थान की निवासी है और धारूहेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में रहती है, ने पुलिस को बताया कि वह अपने बच्चों के साथ अपने मायके में रह रही थी। 2 मार्च 2025 को सुबह लगभग 10 बजे, उसकी 8 साल की बेटी घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी।


इस दौरान, रिश्ते में मामा लगने वाला एक युवक उसे जबरन अपने घर ले गया और उसके साथ गंभीर अपराध किया। बच्ची के शोर मचाने पर आरोपी वहां से भाग गया। घटना के बाद, बच्ची ने अपनी मां को पूरी बात बताई। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारूहेड़ा थाने में मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने मामले की जांच के बाद अदालत में चार्जशीट पेश की। उन्होंने साक्ष्य और गवाहों के बयान भी प्रस्तुत किए। सभी पहलुओं पर सुनवाई के बाद, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के एएसजे डॉ. मैनपाल रामावत ने आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 20 साल की कैद और 12,000 रुपये का जुर्माना लगाया। यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे दो महीने की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।