लखनऊ अग्निकांड: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ दौरा रद्द कर लौटे
मुख्यमंत्री का लखनऊ लौटना
लखनऊ: लखनऊ में हुए भयंकर अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अलीगढ़ दौरे को अचानक रद्द कर दिया और राजधानी की ओर लौट आए। सोमवार शाम को हादसे की सूचना मिलते ही उन्होंने लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम छोड़कर लखनऊ के लिए प्रस्थान किया।
हादसे की जगह का निरीक्षण
लखनऊ पहुंचने के बाद, सीएम योगी ने सबसे पहले आग लगने वाली जगह का दौरा किया। उन्होंने स्थिति का आकलन किया और राहत-बचाव कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि घायलों का इलाज सर्वोत्तम तरीके से किया जाए और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए।
अलीगढ़ में कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि वह वहीं रहें, लेकिन लखनऊ में दुर्घटना की खबर मिली। कुछ बच्चों की दुखद मृत्यु हो गई है। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है, इसलिए उन्हें तुरंत लखनऊ लौटना पड़ा।
KGMU में घायलों से मुलाकात
मुख्यमंत्री ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी जाकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों से इलाज की स्थिति के बारे में जानकारी ली और मरीजों का हालचाल पूछा। इस दौरान, उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों से भी मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
सीएम योगी ने फायर विभाग के अधिकारियों को फोन पर चेतावनी दी और कहा कि लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को मौके पर जाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए, सीएम ने लिखा कि लखनऊ में अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले।
हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है। राहत और बचाव कार्य जारी है, जबकि पुलिस और फायर विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोचिंग और व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा के उपायों को सख्त किया जाना चाहिए।