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लखनऊ में बस दुर्घटना: 7 की मौत, 21 घायल, सीएम ने दी सहायता का आश्वासन

लखनऊ में 23 फरवरी को एक भयानक सड़क दुर्घटना में 7 यात्रियों की जान चली गई और 21 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ, जहां एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की नींद को हादसे का कारण बताया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये की सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने सड़क सुरक्षा के मुद्दों को फिर से उजागर किया है।
 

लखनऊ में भयानक सड़क हादसा


लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 23 फरवरी को एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर गोसाईगंज क्षेत्र के हसनपुर के निकट एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई।


इस दुर्घटना में कम से कम 7 यात्रियों की जान चली गई और 21 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। यह बस लुधियाना से दरभंगा की ओर जा रही थी, जिसमें लगभग 40 यात्री सवार थे।


दुर्घटना का कारण

प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुलिस का मानना है कि ड्राइवर को नींद आ गई थी, जिससे बस तेज गति में सड़क पर पलट गई। स्लीपर कोच होने के कारण कई यात्री ऊपरी बर्थ से गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। कुछ यात्री बस के अंदर फंस गए थे।


घायलों का उपचार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से बस को सीधा किया गया और घायलों को तुरंत ट्रामा सेंटर और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।


अफरा-तफरी का माहौल

दुर्घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। लोग चीखते और रोते हुए नजर आए। स्थानीय निवासियों ने पहले बचाव कार्य शुरू किया। बस का मलबा सड़क पर बिखरा हुआ था, जिससे ट्रैफिक जाम लग गया और कई घंटों तक आवागमन प्रभावित रहा। अधिकारियों ने सफाई कार्य के लिए क्रेन और भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया।


सीएम योगी का समर्थन

पुलिस ने बस के ड्राइवर और मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच में ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और ड्राइवर की फिटनेस की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये तथा घायलों को चिकित्सा सहायता देने का निर्देश दिया है।


परिवहन विभाग ने एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बसों की जांच को बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह घटना सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही को एक बार फिर उजागर करती है।