विश्व सिर एवं गर्दन कैंसर दिवस: जागरूकता कार्यक्रम ने दी नई दिशा
नई दिल्ली में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
नई दिल्ली: विश्व सिर एवं गर्दन कैंसर दिवस के अवसर पर, वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने आस्था प्रोजेक्ट के तहत डीएफवाई इंडिया द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को सिर एवं गर्दन के कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार के महत्व के बारे में जागरूक करना था।
महत्वपूर्ण जानकारी का वितरण
मरीजों और तीमारदारों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
इस कार्यक्रम के दौरान, मरीजों, उनके तीमारदारों और अस्पताल में आने वाले व्यक्तियों को ओरल हाइजीन किट प्रदान की गईं। इसके साथ ही, इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र और अवेयरनेस फोटो बूथ के माध्यम से मुंह की स्वच्छता बनाए रखने और सिर एवं गर्दन के कैंसर के प्रारंभिक चेतावनी संकेतों की पहचान करने की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों की उपस्थिति में कार्यक्रम
विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ आयोजन
यह कार्यक्रम वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चारु बंबा भी शामिल थीं। इस अवसर पर मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. कौशल कालरा, डॉ. मुकेश नागर और डीएफवाई इंडिया के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
समय पर जांच का महत्व
समय पर जांच और जागरूकता पर दिया जोर
डॉ. कविता शर्मा ने बताया कि भारत में सिर एवं गर्दन का कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। इनमें से कई प्रकार के कैंसर को रोका जा सकता है और समय पर पहचान होने पर उनका प्रभावी उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि जोखिम कारकों के प्रति जागरूकता, अच्छी ओरल हाइजीन और समय पर जांच से उपचार के परिणाम बेहतर हो सकते हैं और इससे लोगों की जान भी बचाई जा सकती है।