वृंदावन की सफाई व्यवस्था पर सवाल: श्रद्धालुओं को हो रही है परेशानी
धर्मनगरी वृंदावन की सफाई व्यवस्था की स्थिति
वृंदावन: धर्मनगरी वृंदावन में प्रमुख परिक्रमा मार्ग की सफाई व्यवस्था एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गई है। यमुना घाट चौराहा के निकट जुगल घाट के पास स्थित परिक्रमा मार्ग पर बने ढलाव घर के आसपास कचरे के ढेर ने स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को कठिनाइयों में डाल दिया है। गंदगी से उठने वाली बदबू और वहां घूमते आवारा जानवरों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।
दीपक पाराशर ने प्रशासन पर उठाए सवाल
दीपक पाराशर, जो रचनात्मक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हैं, ने प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य परिक्रमा मार्ग से ढलाव घर को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस मार्ग से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गुजरते हैं, वहां कचरे का ढेर वृंदावन की सफाई व्यवस्था की वास्तविकता को उजागर कर रहा है।
विश्वस्तरीय नगरी के दावों की सच्चाई
दीपक पाराशर ने कहा कि वृंदावन को एक विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन प्रमुख मार्गों पर फैली गंदगी इन दावों की सच्चाई को उजागर कर रही है। कचरे के ढेर से न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
स्थायी समाधान की कमी पर आरोप
दीपक पाराशर ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को इस समस्या के बारे में कई बार सूचित किया गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के बीच यदि परिक्रमा मार्ग की सफाई और आम जनता की मूलभूत सुविधाएं भी ठीक नहीं हो पा रही हैं, तो विकास के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
दीपक पाराशर ने प्रशासन से मांग की है कि ढलाव घर को परिक्रमा मार्ग से हटाया जाए, जमा कचरे को साफ किया जाए और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्रीय लोगों के साथ मिलकर जनहित में आंदोलन शुरू किया जाएगा।