☰
×

वृंदावन गुरुकुल आश्रम में हादसे के बाद आचार्य आशीष की गिरफ्तारी, बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान

वृंदावन के गुरुकुल आश्रम में एक दुखद हादसे के बाद पुलिस ने संचालक आचार्य आशीष को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में जान गंवाने वाले बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा गया है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ा दी है, और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। एसएसपी ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
 

वृंदावन में दर्दनाक घटना


वृंदावन: वृंदावन क्षेत्र के गुरुकुल आश्रम में हुए एक दुखद हादसे के सिलसिले में पुलिस ने आश्रम के संचालक आचार्य आशीष को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने जांच की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।


साक्ष्य एकत्रित करने और मजिस्ट्रियल जांच

पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ गवाहों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान भी लिए जा रहे हैं। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं।


बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान

इस हादसे के बाद आश्रम में रह रहे बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। जांच के दौरान आश्रम में कुल 116 बच्चों का रिकॉर्ड पुलिस को मिला, जिनमें से अधिकांश को उनके परिवारों के पास भेज दिया गया है। गुरुवार को भी कुछ बच्चों के परिजन उन्हें लेने आए थे।


कोतवाली के अपराध निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों की वापसी के बाद अब आश्रम में केवल तीन बच्चे बचे हैं। उनके परिजनों के शुक्रवार तक पहुंचने की उम्मीद है। पुलिस और प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए हैं।


दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्य एकत्रित करने, गवाहों के बयान और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।