वृंदावन में ई-रिक्शा विवाद ने लिया खूनी मोड़, अस्पताल में भी हुआ हमला
चीरघाट पर ई-रिक्शा को लेकर हुआ विवाद
वृंदावन: मंगलवार को चीरघाट पर ई-रिक्शा हटाने को लेकर एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और पत्थर चलने लगे, जिससे आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को अस्पताल ले जाते समय हमलावरों ने एंबुलेंस चालक और मेडिकल स्टाफ पर भी हमला कर दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मारपीट की शुरुआत और उसके परिणाम
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग 11:30 बजे चीरघाट क्षेत्र में सड़क पर खड़े ई-रिक्शाओं को हटाने को लेकर निषाद समाज के नाविकों और ई-रिक्शा चालकों के बीच बहस हुई। कुछ समय बाद, ई-रिक्शा चालक के समर्थन में कई युवक मौके पर पहुंच गए। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और नुकीले हथियारों का इस्तेमाल शुरू हो गया, जिससे यमुना किनारा रणक्षेत्र में बदल गया।
इस मारपीट में मांट थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर निवासी 18 वर्षीय योगेश गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके साथी नीरज, रवि और दुल्लू को भी चोटें आईं। पुलिस ने घायलों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से घायल योगेश को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसके परिजन उसे केडी मेडिकल कॉलेज, छाता ले गए।
अस्पताल में भी हुआ हमला
एंबुलेंस चालक और मेडिकल स्टाफ पर भी हमला
अस्पताल में योगेश को एंबुलेंस में बैठाने के दौरान हमलावरों ने फिर से हमला किया। आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक युवकों ने एंबुलेंस चालक जितेंद्र और मेडिकल टेक्नीशियन अखेराम पर हमला कर दिया। इस हमले में अखेराम गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल के स्टाफ ने तुरंत उनका उपचार किया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान ई-रिक्शा चालकों ने जादौन पार्किंग से जुड़े कुछ युवकों को बुलाया था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। चीरघाट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।