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वृंदावन में कला का जादू: श्री कृष्ण नेशनल आर्ट वर्कशॉप-2026 का उत्सव

वृंदावन में आयोजित श्री कृष्ण नेशनल आर्ट वर्कशॉप-2026 में देशभर के कलाकार अपनी चित्रकला के माध्यम से ब्रज की भक्ति और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत कर रहे हैं। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न कला शैलियों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें राधा-कृष्ण के प्रेम और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को कैनवास पर उतारा जा रहा है। कला प्रेमियों की भीड़ इस अनूठे अनुभव का हिस्सा बन रही है। जानें इस कला शिविर के बारे में और क्या खास है।
 

कला की महक से महका वृंदावन


वृंदावन: इस पवित्र नगरी में देशभर से आए कलाकार अपनी चित्रकला के माध्यम से ब्रज की भक्ति, प्रेम और सांस्कृतिक धरोहर को कैनवास पर जीवंत कर रहे हैं। वे श्रीकृष्ण की लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम और ब्रज के प्राकृतिक सौंदर्य को विभिन्न कला शैलियों में प्रस्तुत कर रहे हैं। गीता शोध संस्थान में कला प्रेमियों और स्थानीय निवासियों की भीड़ इन कलाकारों को देखने के लिए उमड़ रही है।


श्री कृष्ण नेशनल आर्ट वर्कशॉप-2026 का दूसरा दिन

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘श्री कृष्ण नेशनल आर्ट वर्कशॉप-2026’ का मंगलवार को दूसरा दिन मनाया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से आए लगभग 20 चित्रकार ब्रज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक चित्रकला के माध्यम से कैनवास पर साकार कर रहे हैं।


कलाकारों की कला का जादू

इस शिविर में कलाकारों को चित्र बनाते हुए देखना दर्शकों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है। कुछ चित्रकार रंगों के माध्यम से राधा-कृष्ण के प्रेम को व्यक्त कर रहे हैं, जबकि अन्य भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और ब्रज के मनमोहक दृश्यों को कैनवास पर उतार रहे हैं। लोग चित्रों के निर्माण की प्रक्रिया को नजदीक से देख रहे हैं और कलाकारों से उनकी कला शैली और चित्रों की विषय-वस्तु के बारे में जानकारी ले रहे हैं।


चित्रांकन की प्रक्रिया लगभग पूरी

शिविर के संयोजक और गीता शोध संस्थान के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि विभिन्न प्रदेशों से आए 20 चित्रकारों का चित्रांकन लगभग पूरा हो चुका है। प्रतिभागियों को 9 सितंबर को प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके बाद 10 सितंबर से तैयार चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें आम लोग भी कलाकारों की कृतियों का अवलोकन कर सकेंगे।


शिविर का उद्देश्य और प्रतिभागी कलाकार

उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय कला शिविर का मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक चित्रकला के माध्यम से संरक्षित और प्रदर्शित करना है। वृंदावन की पावन भूमि पर रंगों के जरिए साकार हो रही श्रीकृष्ण की लीलाएं कला और संस्कृति के संगम का अनूठा दृश्य प्रस्तुत कर रही हैं।


इस कला शिविर में पद्मश्री शांति देवी सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए डॉ. अलका झा, डॉ. बंदना जोशी, डॉ. पूनम रानी, नीतिक्षा डावर, डॉ. खुशबू उपाध्याय, नेहा, मनजीत कौर, डॉ. अलका मनीष पाठक, सोमा आनंद, विनीता सिंह, विनीता शर्मा, कंचन प्रकाश, सुमित्रा अहलावत, सुमन डोंगरे, प्रिंस राज, विनोद कुमार सिंह, जयेश त्रिवेदी और ललित कला अकादमी आगरा के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिंह प्रतिभाग कर रहे हैं।