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वृंदावन में कांशीराम आवासीय कालोनी के फ्लैटों को खाली कराने का विरोध, क्या है समस्या?

वृंदावन में कांशीराम आवासीय कालोनी के जर्जर फ्लैटों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके खिलाफ स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। निवासियों का कहना है कि प्रशासन को पहले मूल आवंटियों के लिए आवास की व्यवस्था करनी चाहिए। वे यह भी मांग कर रहे हैं कि अनधिकृत कब्जेदारों की पहचान की जाए। नगर निगम ने बताया कि पहले ही नोटिस जारी किए गए थे और अब नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

वृंदावन में फ्लैटों के खाली कराने की प्रक्रिया शुरू


वृंदावन: कांशीराम आवासीय कालोनी के जर्जर फ्लैटों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। सोमवार को नगर निगम की टीम के पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग कालोनी में इकट्ठा हो गए और कार्रवाई का विरोध किया। निवासियों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि फ्लैट खाली कराने से पहले मूल आवंटियों के लिए आवास की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि अचानक मकान खाली कराने से परिवारों के सामने रहने की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।


सर्वे में असुरक्षित पाए गए भवन, प्रशासन ने जारी किए नोटिस

कांशीराम आवासीय योजना के तहत बनाए गए इन फ्लैटों की स्थिति लंबे समय से खराब है। सर्वे रिपोर्ट में इन भवनों को जर्जर और रहने के लिए असुरक्षित पाया गया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर निवासियों को आवास खाली करने के नोटिस जारी किए थे। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद नगर निगम ने फ्लैट खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


जैसे ही कार्रवाई की सूचना मिली, सोमवार को कालोनी में लोगों की भीड़ जुट गई। तरुण किशोर, राजा उस्मानी, अकबर और अन्य निवासियों ने कहा कि कालोनी में कई लोग ऐसे भी हैं जो मूल आवंटियों में शामिल नहीं हैं। आरोप है कि कई व्यक्तियों ने बिना आवंटन के ही आवासों पर कब्जा कर रखा है। निवासियों ने मांग की कि प्रशासन पहले मूल आवंटियों और अनधिकृत रूप से रह रहे लोगों की पहचान करे। अनधिकृत कब्जेदारों से आवास खाली कराकर उन्हें मूल आवंटियों को दिया जाए।


बिना वैकल्पिक व्यवस्था बेघर करना उचित नहीं: निवासियों का कहना

निवासियों ने यह भी कहा कि जिनके पास पूर्व में आवंटन से संबंधित दस्तावेज हैं, उन्हें उनके आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर प्रशासन की चिंता उचित है, लेकिन परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था दिए बिना उन्हें बेघर करना समस्या का समाधान नहीं है।


नगर निगम के अपर आयुक्त नीरज शर्मा ने बताया कि कांशीराम आवासीय योजना में रह रहे लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस की अवधि समाप्त हो चुकी है। अब नियमानुसार फ्लैट खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कुछ लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट भी किया गया है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।