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वृंदावन में बंदरों के आतंक से मासूम की जान गई, स्थानीय लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग

धर्मनगरी वृंदावन में एक 13 वर्षीय बच्ची की मौत बंदरों के आतंक के कारण हुई। घटना के समय बच्ची खिड़की से बंदरों को खाना खिला रही थी, जब उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गिर गई। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
 

धर्मनगरी वृंदावन में हुई दुखद घटना


मथुरा/वृंदावन: धर्मनगरी वृंदावन में बंदरों के आतंक ने एक 13 वर्षीय बच्ची की जान ले ली। संत कॉलोनी में रहने वाली पूर्वा की पहली मंजिल से गिरने से उसकी मौत हो गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बच्ची को अचानक संतुलन खोते हुए देखा जा सकता है, और वह लगभग 15 फीट नीचे सड़क पर गिर जाती है।


हादसे के समय घर में केवल बच्चे थे

जानकारी के अनुसार, यह घटना बांके बिहारी पुलिस चौकी क्षेत्र की संत कॉलोनी में हुई। अनिल पांडे अपनी पत्नी, बेटे और गोद ली हुई बेटी पूर्वा के साथ पहली मंजिल पर किराए के मकान में रहते हैं। हादसे के समय अनिल और उनकी पत्नी परिक्रमा मार्ग पर खाना बनाने गए थे, जबकि घर में केवल पूर्वा और उसका छोटा भाई मौजूद थे।


बंदरों को खाना खिलाते समय हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि पूर्वा खिड़की से बंदरों को खाना खिला रही थी। अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पहली मंजिल से सीधे सड़क पर गिर गई। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।


स्थानीय लोगों की चिंता और कार्रवाई की मांग

इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासियों ने वृंदावन में बढ़ते बंदरों के आतंक पर चिंता जताते हुए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि बंदरों के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।


पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद यह हादसा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।