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वृंदावन में लापता युवक: क्या है संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन का रहस्य?

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए आए दो युवक, ओम और मयंक, लापता हो गए हैं। उनके परिवारों को संदेह है कि वे धार्मिक कारणों से कहीं रुक गए हैं। ओम की मां और मयंक के पिता उनकी खोज में लगातार प्रयास कर रहे हैं। दोनों परिवारों ने पुलिस से मदद की अपील की है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और परिजनों की चिंताएं क्या हैं।
 

वृंदावन में लापता युवक


वृंदावन: महाराष्ट्र और कासगंज के दो युवक, जो संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए आए थे, अलग-अलग समय पर लापता हो गए हैं। उनके परिवारों को संदेह है कि धार्मिक कारणों से वे आश्रम या उसके आसपास कहीं रुक गए हैं। गुमशुदगी की रिपोर्ट संबंधित थानों में दर्ज कराई गई है, लेकिन परिवारों को अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। लापता बेटों की खोज में परिजन वृंदावन की गलियों से लेकर कोतवाली और आश्रम के आसपास भटक रहे हैं।


महाराष्ट्र के ओम की गुमशुदगी

ओम परमेश्वर ताकपिरे, जो छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र के निवासी हैं, 21 जुलाई को वृंदावन जाने के लिए घर से निकले थे। परिवार के अनुसार, उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हुआ। जब काफी समय तक ओम का पता नहीं चला, तो उनकी मां ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।


मां की चिंता और तलाश

उज्जवला ताकपिरे, ओम की मां, 23 जुलाई को वृंदावन पहुंचीं और उन्होंने कई दिनों तक कैलीकुंज आश्रम और उसके आसपास ओम की खोज की। परिवार का कहना है कि आश्रम के सीसीटीवी फुटेज में ओम नजर आया था, लेकिन उसके बाद वह कहां गया, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। उज्जवला अब तक कई बार वृंदावन आ चुकी हैं और 25 सितंबर को साधक रसिक दुलारी शरण की मृत्यु के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है।


कासगंज के मयंक का मामला

मयंक सिंह चौहान, जो कासगंज की आवास विकास कॉलोनी का निवासी है, 7 अगस्त को वृंदावन दर्शन के लिए निकला था और उसके बाद से वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी खोज की, लेकिन मयंक का कोई सुराग नहीं मिला।


मयंक की आस्था और पिता की चिंता

मयंक संत प्रेमानंद महाराज में गहरी आस्था रखते थे और नियमित रूप से नाम-जाप करते थे। उनके पिता को आशंका है कि वह वृंदावन में किसी आश्रम या आसपास के स्थान पर ठहरा हो सकता है। चंद्रपाल सिंह चौहान, मयंक के पिता, ने कासगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और लगातार वृंदावन आकर बेटे की तलाश कर रहे हैं।


परिजनों की अपील

परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से युवकों की खोज में तेजी लाने की अपील की है। उनका कहना है कि वृंदावन में श्रद्धालुओं और साधु-संतों की बड़ी संख्या होती है, इसलिए सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर लापता युवकों की खोज की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित आश्रम प्रबंधन से भी सहयोग की मांग की है ताकि दोनों युवकों को सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।