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वृंदावन में संदिग्ध मौत: शिष्य की गिरने से हुई मौत पर उठे सवाल

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उन्हें चौथी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें हत्या और आत्महत्या के पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उन्हें दीपक से मिलने नहीं दिया जाता था। सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

संदिग्ध परिस्थितियों में शिष्य की मौत


वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी, जिन्हें रसिक दुलारी शरण के नाम से जाना जाता है, की शुक्रवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वाराह घाट क्षेत्र में स्थित गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस को उनके कमरे से एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर मिला है, जिस पर खून के निशान पाए गए हैं। मृतक के प्राइवेट पार्ट पर भी गंभीर चोटें मिली हैं, जिससे पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।


पुलिस हत्या और आत्महत्या के सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।


सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी

सीसीटीवी में गिरते हुए दिखाई दिए, स्थिति अस्पष्ट


सीओ वृंदावन संदीप सिंह के अनुसार, जांच के दौरान एक सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुआ है, जिसमें रसिक दुलारी शरण बिल्डिंग से गिरते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, फुटेज में यह स्पष्ट नहीं हो रहा कि वह किस परिस्थिति में गिरे। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य इकट्ठा किए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट के आधार पर मौत की असली वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।


गुरु कृपा कुंज आश्रम का विवरण

गुरु कृपा कुंज आश्रम से जुड़ी इमारत


गुरु कृपा कुंज वाराह घाट क्षेत्र में स्थित एक चार मंजिला इमारत है, जो संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े केली कुंज ट्रस्ट के परिसर का हिस्सा है। यहां 50 से अधिक शिष्य और सेवादार निवास करते हैं। यह भवन पुराने केली कुंज आश्रम से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस घटना के समय वहां मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।


दीपक का पारिवारिक पृष्ठभूमि

जबलपुर से आए दीपक बने रसिक दुलारी शरण


दीपक लोधी, जो मध्य प्रदेश के जबलपुर के निवासी थे, लगभग दो साल पहले वृंदावन आए थे। संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उन्होंने अपना नाम रसिक दुलारी शरण रखा। उनके परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। बताया जाता है कि रसिक नर्मदा परिक्रमा भी कर चुके थे। रिपोर्टों के अनुसार, दीक्षा के बाद उनका परिवार से संपर्क सीमित हो गया था।


परिवार की चिंताएं और आरोप

मां का आरोप: दो साल से बेटे से नहीं हुई बात


दीपक की मां लौंग बाई जबलपुर से मथुरा पहुंचीं और पोस्टमार्टम हाउस में गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अपने बेटे से दो साल से बात नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वह बेटे से मिलने आई थीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


भाई का आरोप: मिलने नहीं दिया जाता था


दीपक के छोटे भाई मनीष ने कहा कि वृंदावन आने के बाद वह केवल दो बार दीपक से मिल सके। उनका आरोप है कि परिवार के सदस्यों को दीपक से मिलने नहीं दिया जाता था।


जीजा का आरोप: आश्रम में जानकारी नहीं दी गई


दीपक के जीजा सोनू पटेल ने कहा कि शुक्रवार को आश्रम से फोन आया कि दीपक छत से गिर गए हैं। परिवार के लोग रात को तीन बजे आश्रम पहुंचे, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।


पुलिस जांच जारी

परिवार की शिकायत पर पुलिस जांच जारी


एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया कि परिवार ने थाने में शिकायत दी है। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।