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श्रीकृष्ण गौशाला में भक्ति का अद्भुत संगम: पितृ पक्ष पर आयोजित भागवत कथा

रतिया के श्रीकृष्ण गौशाला में पितृ पक्ष के उपलक्ष्य में आयोजित भागवत कथा में श्रद्धालुओं ने भक्ति का अद्भुत संगम देखा। आचार्य श्री राम सेवक शास्त्री जी ने कथा के दौरान भोजन और भजन के महत्व पर प्रकाश डाला। संतों के दर्शन से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल था। गौ माता की सेवा के महत्व पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर भागवत गीता का निःशुल्क वितरण किया गया। जानें इस पावन आयोजन के बारे में और अधिक।
 

रतिया में भागवत कथा का आयोजन


रतिया: स्थानीय श्रीकृष्ण गौशाला में संत बाबा बाबू राम जी दुगाल वाले और संत बाबा कर्म चंद जी बच्चुआना वालों की कृपा से पितृ पक्ष के अवसर पर गौ सेवा हेतु श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के छठे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने कथा पंडाल में भाग लिया। व्यास पीठ पर विराजमान प्रसिद्ध भागवत भास्कर आचार्य श्री राम सेवक शास्त्री जी ने कथा का आरंभ करते हुए भोजन और भजन के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जीवन में भोजन का विशेष स्थान है। शुद्ध और सात्विक भोजन से मन भी शुद्ध होता है, और इसी मन से किया गया भजन प्रभु तक पहुंचता है।


संतों के दर्शन से श्रद्धालुओं में खुशी


कथा के दौरान संत शिरोमणि श्री नारायण मुनि जी महाराज और संत शिरोमणि श्री बछुआने वाले महाराज जी ने श्रद्धालुओं को अपने दर्शन से आनंदित किया। आचार्य जी ने कहा कि संतों का दर्शन भाग्य से मिलता है और एक बार संत के दर्शन से करोड़ों तीर्थों के दर्शन का पुण्य मिलता है। संत हमें ईश्वर से मिलने का सही मार्ग दिखाते हैं और उनकी संगति से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।


गौ माता की सेवा का महत्व


गौ माता की सेवा के महत्व पर चर्चा करते हुए आचार्य जी ने कहा कि इस कलयुग में गौ सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। गौ माता में 33 कोटी देवी-देवताओं का वास होता है। जहां गौ माता की सेवा होती है, वहां धन-धान्य की कमी नहीं होती। पितृ पक्ष में गौ सेवा करने से हमारे पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।


भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन


इसके बाद आचार्य जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का जीवंत चित्रण किया, जिसमें माखन चोरी, ऊखल बंधन, गोवर्धन लीला और कालिया नाग दमन शामिल थे। उन्होंने बृजवासियों के निश्चल प्रेम की प्रशंसा की और कहा कि भगवान भी अपने भक्तों के प्रेम के भूखे हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों पर झूमने लगे और पंडाल 'राधे राधे' के जयकारों से गूंज उठा।


भागवत गीता का वितरण


इस अवसर पर समाजसेवी प्रवीण गर्ग की माता जी ने सभी श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत गीता की पुस्तकें निःशुल्क वितरित कीं, जिसे सभी ने सराहा। इस कार्यक्रम में गौशाला प्रधान, कार्यकारिणी सदस्य, और विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।