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संदीप पाठक की गिरफ्तारी की आशंका: पंजाब में दर्ज हुईं दो FIR

राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो FIR दर्ज की गई हैं, जो गैर-जमानती धाराओं के तहत हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हुए पाठक की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान ने AAP की मजबूती का दावा किया। जानें इस राजनीतिक उथल-पुथल के पीछे की पूरी कहानी और संदीप पाठक के कदमों का क्या असर होगा।
 

संदीप पाठक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई


हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो FIR दर्ज की गई हैं। ये FIR पंजाब के विभिन्न जिलों में गैर-जमानती धाराओं के तहत लगाई गई हैं। संदीप पाठक को अपने दिल्ली स्थित निवास से जल्दी निकलते हुए देखा गया।


संदीप पाठक का BJP में शामिल होना

संदीप पाठक ने राघव चड्ढा के साथ मिलकर AAP से बगावत की और BJP में शामिल हो गए। सूत्रों के अनुसार, उनकी गिरफ्तारी जल्द ही हो सकती है। एक अधिकारी ने बताया कि पंजाब में उनके खिलाफ दो FIR दर्ज की गई हैं।


संदीप पाठक के खिलाफ दो FIR दर्ज


ये FIR पंजाब के दो अलग-अलग जिलों में दर्ज की गई हैं। अधिकारी ने कहा कि पाठक को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। हाल ही में, संदीप पाठक, राघव चड्ढा समेत सात अन्य राज्यसभा MPs के साथ पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हुए थे। इस समूह का BJP में विलय हो गया। इसके बाद, शुक्रवार को भगवंत मान सरकार ने पंजाब विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसे सफलतापूर्वक पास किया गया।


भगवंत मान का बयान

भगवंत मान ने ये बातें कहीं


पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह कदम सात राज्यसभा सदस्यों के BJP में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद उठाया। विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान, मान ने विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि AAP मजबूत है और आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि AAP के खत्म होने और उसके विधायकों के पाला बदलने की अफवाहों से लोगों में भ्रम पैदा होता है।


AAP को बड़ा झटका

AAP को लगा बड़ा झटका


सात राज्यसभा MPs के BJP में शामिल होने से 14 साल पुरानी पार्टी में हलचल मच गई थी, लेकिन पार्टी के भीतर सबसे बड़ी चिंता संदीप पाठक का जाना था। पार्टी नेताओं ने कहा कि राघव चड्ढा और स्वाति मालीवाल दोनों AAP नेतृत्व से अलग-थलग पड़ गए थे। जबकि उनके जाने की उम्मीद पहले से थी, संदीप पाठक का यह कदम पूरी तरह से अप्रत्याशित था।