साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: पूर्व कर्मचारी ने किया 9 लाख का गबन
नई दिल्ली में साइबर ठगी का मामला
नई दिल्ली: यह कहानी एक भरोसे के साथ शुरू हुई और अंत में साइबर ठगी के मामले में बदल गई। जिस कर्मचारी पर दुकान और उसके मालिक ने भरोसा किया, वही अब कथित तौर पर उसी भरोसे का दुरुपयोग कर बैंक खाते से पैसे निकालने लगा। आरोपी ने कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया, कभी ऑनलाइन खरीदारी की, और कभी 'वीर सिंह' नाम से पहचान छिपाई। लेकिन साइबर पुलिस ने बैंकिंग लेन-देन, यूपीआई और ऑनलाइन खरीदारी के सबूतों को जोड़कर पूरी सच्चाई का खुलासा कर दिया।
19 वर्षीय आरोपी की गिरफ्तारी
उत्तर जिला साइबर पुलिस ने 9 लाख 49 हजार 180 रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में 19 वर्षीय अभिषेक सिंह उर्फ वीर सिंह, जो सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा का निवासी है, को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले शिकायतकर्ता की दुकान पर काम कर चुका था और उसे शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन तक पहुंच थी।
यूपीआई ट्रांजेक्शन से खुला ठगी का राज
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता अभय नगर ने साइबर थाना उत्तर जिले में शिकायत दर्ज कराई कि उनके एचडीएफसी बैंक खाते से 9 मार्च से 15 अप्रैल 2026 के बीच 21 अनधिकृत यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए 9,49,180 रुपये निकाल लिए गए। खास बात यह है कि शिकायतकर्ता को इन लेन-देन के बारे में कोई ट्रांजेक्शन अलर्ट नहीं मिला। इस मामले में साइबर थाना में ई-एफआईआर संख्या 121/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
ऑनलाइन खरीदारी से सामने आया 'वीर सिंह'
जांच टीम ने बैंक खाते के यूपीआई ट्रांजेक्शन, लाभार्थी और कारोबारी विवरण के साथ-साथ ऑनलाइन खरीदारी के रिकॉर्ड की जांच की। इस दौरान पता चला कि ठगी की रकम में से 1,19,180 रुपये की ऑनलाइन खरीदारी 'वीर सिंह' नाम से की गई थी। तकनीकी जांच और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद यह पहचान अभिषेक सिंह से जुड़ी मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का तरीका
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता के भरोसे और मोबाइल तक पहुंच का फायदा उठाया। वह अलग-अलग बहानों से शिकायतकर्ता का मोबाइल लेता था और उसी डिवाइस से बैंक खाते से जुड़ी ऑनलाइन सुविधाओं का उपयोग कर महंगे सामान का ऑर्डर करता था। पुलिस के अनुसार, बैग, सूटकेस और कपड़ों सहित कई महंगी वस्तुएं विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से मंगाई गईं। अपनी पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने 'वीर सिंह' नाम का इस्तेमाल किया और डिलीवरी का पता बदलकर ऐसा रखा कि सामान उसके पास पहुंच सके। सामान प्राप्त करने के बाद उसे बेचकर आरोपी ने पैसे अपने निजी खर्च में इस्तेमाल किए।
साइबर पुलिस की जांच
इस मामले की जांच डीसीपी उत्तर जिला निहारिका भट्ट के पर्यवेक्षण में की गई। अतिरिक्त डीसीपी प्रथम पुखराज कमल गुप्ता और अतिरिक्त डीसीपी द्वितीय राम दुल्ह मीणा के मार्गदर्शन में एसीपी ऑपरेशन विशेष धत्तरवाल और थाना प्रभारी साइबर थाना रोहित गहलोत ने जांच की। टीम ने बैंकिंग और यूपीआई रिकॉर्ड से लेकर ऑनलाइन ऑर्डर, मोबाइल नंबर और डिलीवरी विवरण तक का तकनीकी विश्लेषण किया। इसी डिजिटल सुराग ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचाया।
बरामदगी और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपी के पास से एक रेडमी मोबाइल फोन और एक आईटेल कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा, मामले से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जांच के लिए जब्त किए गए हैं। पुलिस अब ठगी की बाकी रकम का पूरा मनी ट्रेल खंगाल रही है और किसी अन्य व्यक्ति की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है।