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साइबर ठगों का नया खेल: शादी के नाम पर लाखों की ठगी का खुलासा

दिल्ली में साइबर पुलिस ने एक बड़े मैट्रिमोनियल ठगी के गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें एक वकील मुख्य आरोपी है। यह गिरोह खूबसूरत दुल्हनों की तस्वीरों और मीठी बातों के जरिए लोगों को ठगता था। जांच में पता चला है कि गिरोह ने पिछले एक साल में हजारों लोगों को निशाना बनाया। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन और नकद राशि बरामद की है। यदि आप भी इस तरह की ठगी का शिकार हुए हैं, तो पुलिस से संपर्क करें।
 

साइबर ठगी का नया मामला


नई दिल्ली: शादी के सपनों को ठगों ने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। खूबसूरत दुल्हनों की तस्वीरें और मीठी बातें करने वाले फर्जी प्रोफाइल के जरिए ठगी का यह नया तरीका सामने आया है। राजधानी की सेंट्रल जिला साइबर पुलिस ने एक पैन-इंडिया मैट्रिमोनियल ठगी के गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका मुख्य आरोपी एक वकील, अमित कुमार है, जिसने अपने कानूनी ज्ञान का उपयोग पुलिस से बचने के लिए किया।


गिरोह का modus operandi

मध्य जिला डीसीपी रोहित राजवीर सिंह के अनुसार, यह गिरोह shaadipartner.com नामक वेबसाइट के माध्यम से देशभर के शादी के इच्छुक पुरुषों को निशाना बना रहा था। शिकायतों के आधार पर साइबर थाना सेंट्रल में एफआईआर संख्या 78/2025 दर्ज की गई। जांच में पता चला कि यह गिरोह पिछले एक साल से लोगों को फर्जी रिश्तों में फंसाने का काम कर रहा था।


पहले फोटो फिर फोन और अंत में पैसे का खेल


गिरोह के सदस्य इंटरनेट से महिलाओं की तस्वीरें लेकर उन्हें संभावित दुल्हन बताकर पीड़ितों को भेजते थे। भरोसा बढ़ाने के लिए महिला कर्मचारी फोन पर संभावित दुल्हन बनकर बात करती थीं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन शुल्क, प्रोफाइल एक्टिवेशन, संपर्क अनलॉक करने और सुरक्षा राशि के नाम पर पैसे वसूले जाते थे। अलग-अलग पैकेज के तहत 2,500 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक की रकम वसूली जाती थी।


गिरोह की रणनीति

गिरोह ने ठगी का एक शातिर मॉडल तैयार किया था। किसी एक पीड़ित से 15 हजार रुपये से अधिक नहीं लिए जाते थे, ताकि पीड़ित को नुकसान कम लगे और वह शिकायत करने से बच जाए। इस तरह से गिरोह ने हजारों लोगों से छोटी-छोटी रकम वसूल की। महिला टेली-कॉलर को हर ठगी पर 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था।


नकली दुल्हन के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल


जब कोई युवक तस्वीर में दिखाई गई युवती से बात करने की मांग करता था, तो कॉल सेंटर की दूसरी महिला कर्मचारी संभावित दुल्हन बनकर उससे बातचीत करती थी। कुछ दिन बातचीत के बाद रिश्ता खत्म कर दिया जाता था।


गिरफ्तारी और सबूत

पुलिस ने 4 सितंबर को आगरा में कॉल सेंटर पर छापा मारा। जया शाक्या समेत आठ महिला टेली-कॉलर को पकड़ा गया। अमित कुमार मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


पुलिस ने आरोपियों के पास से 50,000 रुपये नकद, 7 डेस्कटॉप सीपीयू और 47 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।


जांच जारी

पुलिस अब जब्त किए गए उपकरणों और बैंक लेनदेन की जांच कर रही है। उन्हें संदेह है कि इस गिरोह के शिकार हजारों लोग हो सकते हैं। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी ने फर्जी वैवाहिक प्रोफाइल के जरिए ठगी का सामना किया है, तो वह सामने आए।