×

सीएम धामी ने जमरानी बांध परियोजना का निरीक्षण, जून 2026 तक पूरा होगा कार्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले में जमरानी बांध परियोजना का निरीक्षण किया। इस परियोजना की लागत 3678 करोड़ रुपये है और इसका कार्य जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। सीएम ने बताया कि यह परियोजना स्थानीय लोगों के लिए पेयजल और सिंचाई की समस्याओं का समाधान करेगी। जानें इस महत्वाकांक्षी परियोजना के बारे में और कैसे यह कुमाऊं के विकास में योगदान देगी।
 

मुख्यमंत्री का कुमाऊं दौरा

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं क्षेत्र का दौरा किया। चार फरवरी, बुधवार को, उन्होंने नैनीताल जिले में बहुप्रतीक्षित जमरानी बांध परियोजना का निरीक्षण किया, जिसकी लागत 3678 करोड़ रुपये है।


सीएम धामी ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र के जमरानी में बांध परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और स्थानीय जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न केवल स्थानीय निवासियों को, बल्कि तराई क्षेत्र के लोगों को भी लाभ होगा।


परियोजना की प्रगति और प्रधानमंत्री का आभार

निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री ने बताया कि लंबे समय से चल रही समस्याओं का समाधान कर अब जमरानी बांध को वास्तविकता में लाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया, जिनके उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव के कारण केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की बाधाएं दूर की गईं।


परियोजना का महत्व

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जमरानी बांध परियोजना की दोनों टनलों का निर्माण कार्य और अस्थायी कॉफर डैम का निर्माण जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों को पेयजल और सिंचाई की समस्याओं से राहत मिलेगी। विशेष रूप से तराई-भाबर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा और बारिश के मौसम में बाढ़ की समस्या से भी राहत मिलेगी।


उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार योजनाओं को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविकता में लागू करने का प्रयास कर रही है। इस दौरान कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत और भाजपा के कई अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।


जमरानी बांध परियोजना कुमाऊं के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। प्रस्तावित 150 मीटर ऊंचा जमरानी बांध चार चरणों में बनकर कुमाऊं की जलापूर्ति, सिंचाई और रोजगार की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।