सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए नया पोर्टल लॉन्च किया
सीबीएसई का नया पोर्टल और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया
नई दिल्ली - केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षा परिणामों के बाद की गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। नया पोस्ट-रिजल्ट एक्टिविटीज पोर्टल 1 जून 2026 से सक्रिय होगा। बोर्ड ने बताया कि यह कदम उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाने के लिए उठाया गया है।
इस वर्ष कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली के माध्यम से किया गया था। परीक्षा परिणाम के बाद, कई छात्रों ने अपने परिणामों के प्रति असंतोष व्यक्त किया है। लाखों छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन और स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया है।
इस वर्ष कक्षा 12वीं की परीक्षा में लगभग 18 लाख छात्रों ने भाग लिया। लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और 40 करोड़ पृष्ठ स्कैन किए गए हैं। अब तक, चार लाख छात्रों ने पोर्टल के माध्यम से 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच प्राप्त की है। सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया है।
सीबीएसई ने शुक्रवार को कहा कि कई छात्र परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करना चाहते हैं। इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड ने पोर्टल के संचालन की तारीख तय की है।
बोर्ड का कहना है कि इस दौरान सभी मानकों और प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था मिल सके। पोर्टल शुरू होने के बाद, छात्र ऑनलाइन माध्यम से अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
सीबीएसई ने यह भी कहा कि यदि किसी छात्र या अभिभावक को परिणाम, सत्यापन प्रक्रिया या पुनर्मूल्यांकन से संबंधित जानकारी चाहिए, तो वे सीबीएसई टेली-काउंसलिंग हेल्पलाइन 1800 11 8004 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, ईमेल के माध्यम से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इससे पहले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी, जिसमें कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के मूल्यांकन और परिणामोत्तर प्रक्रियाओं पर चर्चा की गई थी।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों की समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने छात्र सहायता प्रणालियों को मजबूत करने और सीबीएसई डिजिटल प्लेटफॉर्म में सुधार करने की बात कही।