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सोनम वांगचुक की अस्पताल से छुट्टी की मांग: क्या शामिल होंगे 'संसद चलो' मार्च में?

सोनम वांगचुक, लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता, ने सफदरजंग अस्पताल से अस्थायी छुट्टी की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि उनकी तबीयत अब सामान्य है और वह 'संसद चलो' मार्च में शामिल होना चाहते हैं। उनकी पत्नी ने मामले में कानूनी हस्तक्षेप की मांग की है। अस्पताल ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को स्थिर बताया है। अब दिल्ली उच्च न्यायालय का निर्णय यह तय करेगा कि उन्हें छुट्टी मिलती है या नहीं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति


नई दिल्ली: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक, जो दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, ने अस्पताल प्रशासन को एक पत्र भेजकर अस्थायी छुट्टी की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि उनकी तबीयत अब पूरी तरह से ठीक है और वह संसद में प्रस्तावित 'संसद चलो' मार्च में भाग लेना चाहते हैं।


सोनम वांगचुक का पत्र

सोनम वांगचुक ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को लिखे गए अपने हस्तलिखित पत्र में उल्लेख किया कि वह बेहतर महसूस कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य के सभी प्रमुख मापदंड सामान्य हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि उन्हें कुछ समय के लिए अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जाए ताकि वह संसद की ओर निकाले जाने वाले मार्च में शामिल हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी मांग स्वीकार की जाती है, तो वह अस्पताल प्रशासन के प्रति आभारी रहेंगे।


सोनम वांगचुक का संदेश

Message from Sonam :

20th JULY

आज़ादी का दूसरा आन्दोलन
भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत

Freedom from injustice (Like paper leaks)
Freedom from Fear (my illegal detention)

India’s 2nd FREEDOM MOVEMENT
March to the Parliament
Please make it a big success

Sent through… pic.twitter.com/XYeUXgUxJH

— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 19, 2026



भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती

सोनम वांगचुक को लंबे समय तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद चिकित्सकीय निगरानी के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके इलाज और अस्पताल में रहने की स्थिति को लेकर हाल के दिनों में चर्चा बनी हुई है।


कानूनी हस्तक्षेप

इस बीच, उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने मामले में कानूनी हस्तक्षेप की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में अस्पताल में चल रहे उपचार में हस्तक्षेप न करने की व्यवस्था को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि वांगचुक अस्पताल परिसर में सीमित हैं, जबकि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया है और उनकी आवाजाही पर कोई स्पष्ट कानूनी आदेश नहीं है। इसके साथ ही, परिवार को उनके उपचार से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


स्वास्थ्य स्थिति

सफदरजंग अस्पताल ने सोमवार सुबह जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया कि सोनम वांगचुक की स्थिति स्थिर है। अस्पताल के अनुसार, उनके वाइटल पैरामीटर सामान्य हैं, लेकिन रक्त संबंधी जांच और अन्य चिकित्सीय पहलुओं की निगरानी आवश्यक है। अस्पताल ने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक बहु-विषयक टीम उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है और किसी भी संभावित जटिलता से बचाव के लिए निरंतर चिकित्सा निगरानी जरूरी है।


अब इस पूरे मामले पर दिल्ली उच्च न्यायालय की सुनवाई और संभावित फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं। अदालत का निर्णय यह तय करेगा कि वांगचुक को अस्थायी रूप से अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति मिलती है या उन्हें चिकित्सकीय देखरेख में रहना होगा।