×

हरियाणा और एनसीआर में ठंड का बढ़ता प्रभाव: मौसम की चेतावनी

हरियाणा और एनसीआर में जनवरी की शुरुआत के साथ ठंड ने तीखा रूप धारण कर लिया है। घने कोहरे और शीतल हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में ठंड की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बताया है। जानें हरियाणा के प्रमुख शहरों में तापमान की स्थिति और मौसम की भविष्यवाणी के बारे में।
 

ठंड का तीव्र असर

जनवरी की शुरुआत में हरियाणा और एनसीआर में ठंड ने अपना तीखा रूप धारण कर लिया है। घने कोहरे, शीतल हवाओं और गिरते तापमान ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि यातायात और स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाला है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।


उत्तर भारत में ठंड का कारण

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी और शुष्क हवाएं मैदानी इलाकों में तापमान को गिरा रही हैं। इसके अलावा, हवा की गति में कमी के कारण कोहरा लंबे समय तक बना रहता है, जिससे दिन में धूप निकलने में देरी हो रही है।


विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उच्च दबाव क्षेत्र ठंड को और बढ़ा सकते हैं।


हरियाणा के प्रमुख शहरों में तापमान

राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान में स्पष्ट भिन्नता देखी गई है।



  • हिसार: अधिकतम तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस, जो सामान्य से लगभग 4 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

  • भिवानी: अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • नारनौल: सबसे ठंडा क्षेत्र, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।


मौसम विभाग के अनुसार, कई जिलों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है, जहां दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।


आगामी मौसम का पूर्वानुमान

घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी


मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 और 4 जनवरी को कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहेगा। कुछ स्थानों पर शीतलहर चलने की संभावना है। 5 जनवरी के बाद कोहरे में हल्की कमी आ सकती है, लेकिन धुंध बनी रहेगी। अगले सप्ताह हल्की बारिश के भी संकेत हैं, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।


ठंड का प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में सबसे अधिक प्रभाव बुजुर्गों, बच्चों, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों, किसानों और सड़क तथा रेल यात्रियों पर पड़ता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सरसों और गेहूं की फसलों के लिए पाला नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


मौसम की भविष्यवाणी

जहां कोहरा नहीं होगा, वहां पाले की स्थिति बन सकती है। जिन क्षेत्रों में धुंध और कोहरा बना रहेगा, वहां दिन का तापमान और गिर सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।