हरियाणा में खालिस्तान समर्थक धमकी: सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट
खालिस्तान समर्थक ई-मेल से बढ़ी सुरक्षा चिंताएं
कुरुक्षेत्र: हरियाणा में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़ा एक धमकी भरा ई-मेल सामने आने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस ई-मेल को खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजा गया है, जिसमें राज्य के विभिन्न धार्मिक और सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई है। मेल में यह भी कहा गया है कि हरियाणा को खालिस्तान का हिस्सा बनाने की योजना है और इसके लिए कई स्थानों पर हमले किए जा सकते हैं।
महादेव मंदिर और अन्य स्थलों का जिक्र
धमकी देने वालों ने कुरुक्षेत्र के प्रसिद्ध स्थाणु महादेव मंदिर और पिहोवा के कार्तिकेय मंदिर का विशेष रूप से उल्लेख किया है, जहां विस्फोट करने की बात कही गई है। इसके अलावा, गुरुग्राम के मेयर कार्यालय, नगर निगम भवन और रेलवे नेटवर्क को भी निशाने पर लेने की धमकी दी गई है। ई-मेल में रेलवे ट्रैक पर आईईडी विस्फोट करने की चेतावनी देकर लोगों में भय का माहौल बनाने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों पर खतरा
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुरुक्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। 5 और 8 जून को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम निर्धारित हैं। जिस स्थाणु महादेव मंदिर का ई-मेल में जिक्र किया गया है, वहां 8 जून को मुख्यमंत्री की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। इसी दिन कुरुक्षेत्र से सोमनाथ के लिए एक विशेष ट्रेन को रवाना करने का कार्यक्रम भी तय है।
धमकी में यात्रा न करने की चेतावनी
ई-मेल की शुरुआत 'हरियाणा बनेगा खालिस्तान' जैसे शब्दों से की गई है। इसमें दावा किया गया है कि प्रदेश के कई हिंदू धार्मिक स्थल उनके निशाने पर हैं। खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी का सदस्य बताने वाले व्यक्ति ने धार्मिक स्थलों के साथ-साथ सरकारी संस्थानों पर भी हमले की धमकी दी है।
धमकी भरे संदेश में 5 और 6 जून के दौरान चंडीगढ़, अंबाला और दिल्ली के बीच रेलवे ट्रैक पर विस्फोट करने का भी जिक्र किया गया है। साथ ही लोगों को यात्रा न करने और अपने बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखने जैसी चेतावनियां भी दी गई हैं।
मेल में 6 जून का विशेष उल्लेख करते हुए 'बदला' लेने की बात कही गई है। इसमें 1984 में दरबार साहिब में हुई सैन्य कार्रवाई और उससे जुड़े घटनाक्रमों का हवाला दिया गया है। साथ ही ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी का जिक्र करते हुए कथित तौर पर उसे संभावित हमलों से जोड़ने का प्रयास किया गया है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल की जांच में जुटी हैं और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।