×

हरियाणा में पानी और सीवर कनेक्शन फीस में भारी कटौती

हरियाणा सरकार ने पानी और सीवर कनेक्शन की फीस में भारी कटौती की है, जिससे यह ₹11,500 से घटकर ₹1,550 हो गई है। यह निर्णय उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जिनके कनेक्शन अवैध हैं। जन स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने कनेक्शन की स्थिति की जांच करें और अवैध कनेक्शनों को नियमित करें। इस कदम से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होंगे।
 

हरियाणा सरकार का नया निर्णय


हरियाणा में पानी-सीवर कनेक्शन फीस में कमी: हरियाणा सरकार ने नागरिकों को पानी और सीवर कनेक्शन के लिए बड़ी राहत प्रदान की है। कनेक्शन की फीस को ₹11,500 से घटाकर केवल ₹1,550 कर दिया गया है। यह निर्णय उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जिनके कनेक्शन अभी तक नियमित नहीं हुए हैं और वे उन्हें वैध बनाना चाहते हैं। उपभोक्ताओं को अपनी फाइल तैयार करके संबंधित विभाग में जमा करनी होगी। प्रक्रिया पूरी करने के बाद, ₹1,550 की फीस जमा कर कनेक्शन की मंजूरी प्राप्त की जा सकती है।


फीस में 10,000 रुपये की कमी

पहले पानी और सीवर कनेक्शन को नियमित कराने के लिए निर्धारित शुल्क ₹11,500 था। अब इसे घटाकर ₹1,550 कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को लगभग ₹9,950 कम खर्च करना होगा। इस कमी से उन लोगों को राहत मिलेगी जो पहले अधिक शुल्क के कारण कनेक्शन नियमित नहीं करवा पा रहे थे। सरकार का यह कदम अवैध कनेक्शनों को नियमित करने और उन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल करने के उद्देश्य से है।


जन स्वास्थ्य विभाग की अपील

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे अपने पानी और सीवर कनेक्शन की स्थिति की जांच करें। यदि कनेक्शन अवैध है, तो उसे नियमित कराने की प्रक्रिया अपनाएं। विभाग का कहना है कि अवैध कनेक्शन भविष्य में समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं, इसलिए समय रहते उन्हें वैध कराना बेहतर है। इस शुल्क में कमी के बाद, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।


नए कनेक्शन के लिए शुल्क

हरियाणा सरकार के नए निर्णय के अनुसार, पानी और सीवर के नए कनेक्शन की फीस अब ₹1,550 होगी। पहले यह ₹11,500 थी। नए कनेक्शन लेने या पुराने अवैध कनेक्शन को नियमित कराने वाले उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में ₹9,950 कम भुगतान करना होगा। हालांकि, यह जानना आवश्यक है कि ₹1,550 में कौन-कौन से शुल्क शामिल हैं और क्या कोई अन्य विभागीय शुल्क लागू होगा, इसकी पुष्टि संबंधित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से करनी होगी।