हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल: निजीकरण के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन
फतेहाबाद में हड़ताल का दूसरा दिन
फतेहाबाद: हरियाणा बिजली नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में इलेवन पावर नामक निजी कंपनी को 25 वर्षों के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के निर्णय के खिलाफ फतेहाबाद में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का दूसरा दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी रहा। बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के सभी बिजली घरों में कामकाज ठप्प रहा, जिससे कार्यालयों में सन्नाटा छा गया और जनता से जुड़े प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए।
दूसरे दिन के विरोध प्रदर्शन और धरने की अध्यक्षता सर्कल सचिव फकीर चंद सैनी, भूप सिंह भड़ोलांवाली, इंजीनियर एसोसिएशन के अशोक कुमार पानू और एससी-बीसी वर्कर यूनियन के पवन सेलवाल ने की। मंच का संचालन रामनिवास शर्मा और संजय सैनी ने किया। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक बिजली निगमों का निजीकरण जनहित और कर्मचारियों के हित के खिलाफ है, और जब तक सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
राजनीतिक और सामाजिक समर्थन
विपक्षी नेताओं और किसान संगठनों का समर्थन
हड़ताल के दूसरे दिन कर्मचारियों के आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक समर्थन प्राप्त हुआ। फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, इनेलो की वरिष्ठ नेता सुनैना चौटाला और इनेलो जिलाध्यक्ष बीकर सिंह हड़ौली अपने कार्यकर्ताओं के साथ बिजली घर पहुंचे और कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। नेताओं ने कहा कि सरकार निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए बिजली विभाग को बेचने पर आमादा है। गुरुग्राम और नूंह जैसे उच्च राजस्व वाले क्षेत्रों को निजी कंपनी को सौंपना बिजली निगमों को आर्थिक संकट में डालने की साजिश है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस लड़ाई में पूरा विपक्ष और आम जनता कर्मचारियों के साथ खड़ी है।
समाजसेवियों और संगठनों का समर्थन
विभिन्न कर्मचारी और सामाजिक संगठनों का समर्थन
धरने में प्रमुख समाजसेवियों, किसान और कर्मचारी नेताओं ने समर्थन दिया, जिनमें रिटायर्ड कर्मचारी एसोसिएशन के निहाल सिंह मताना, सर्व कर्मचारी संघ के डॉ. पृथ्वी सिंह बाना, हरियाणा कर्मचारी महासंघ के विजयपाल जाखड़, और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। इन सभी ने हड़ताल के समर्थन में अपनी आवाज उठाई और कर्मचारियों के संघर्ष को मजबूती प्रदान की।