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हरियाणा में मौसम में बदलाव, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना

हरियाणा में मौसम में बदलाव आ रहा है, जहां तेज धूप के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने 15 जिलों में अलर्ट जारी किया है। 31 मार्च तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है, और ओलावृष्टि का खतरा भी बढ़ गया है। जानें किस जिले में क्या स्थिति होगी और किसानों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
 

मौसम में बदलाव का अलर्ट

चंडीगढ़. हरियाणा में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। तेज धूप के बीच बार-बार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने लगभग 15 जिलों में अलर्ट जारी किया है।


पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

सूरज की गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच दो नए पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक आ रहे हैं। इसका सीधा असर सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र और करनाल जैसे कृषि प्रधान जिलों पर पड़ेगा। विभाग के अनुसार, हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो फसलों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।


31 मार्च तक राहत नहीं, ओलावृष्टि का खतरा

31 मार्च तक नहीं मिलेगी राहत, ओलावृष्टि का बढ़ा खतरा


मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, रात में सक्रिय हुए पहले पश्चिमी विक्षोभ का असर 26 और 27 मार्च को पूरे प्रदेश में दिखाई देगा। इस दौरान हरियाणा के लगभग 30 प्रतिशत हिस्सों, विशेषकर पश्चिमी और उत्तरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी होगी। असली चुनौती 28 मार्च से शुरू होगी, जब एक और शक्तिशाली सिस्टम सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 29 से 31 मार्च के बीच हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में मौसम पूरी तरह पलट जाएगा। तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आएगी।


तापमान में उतार-चढ़ाव और फसलों पर संकट

तापमान में उतार-चढ़ाव और फसलों पर मंडराता संकट


वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी शुष्क हवाओं के कारण दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। आसमान साफ होने से कड़ी धूप तपिश पैदा कर रही है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के टकराते ही यह गर्मी उमस और फिर आंधी-बारिश में बदल जाएगी। इस मौसम का सबसे ज्यादा प्रभाव उन किसानों पर पड़ेगा जिनकी सरसों और गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है। 60 किमी की रफ्तार वाली हवाएं और ओले फसलों को जमीन पर बिछा सकते हैं, जिससे दाना काला पड़ने या झड़ने का डर बना हुआ है।


इन जिलों में रहने वाली है सबसे ज्यादा हलचल

इन जिलों में रहने वाली है सबसे ज्यादा हलचल


मौसम विभाग की लिस्ट में पानीपत, सोनीपत, अंबाला और यमुनानगर को भी शामिल किया गया है। उत्तरी हरियाणा के इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें। अगले चार-पांच दिनों तक मौसम में यह अस्थिरता बनी रहेगी, जिससे यात्रा करने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। मार्च का अंतिम सप्ताह जाते-जाते ठंडक का अहसास तो कराएगा, लेकिन किसानों की चिंताएं भी बढ़ा देगा।